अयोध्या का विवादित ढांचा गिराने के मामले में एलके आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती सहित बीजेपी के 12 बड़े नेताओं पर मस्जिद गिराने और षडयंत्र के आरोप हैं। आज सभी आरोपी ट्रायल पर सीबीआई कोर्ट पहुंचे थे। उन्हें निजी मुचलके पर जमानत दे दी गई है लेकिन डिस्चार्ज एप्लीकेशन खारिज कर दी गई। वहीं, कोर्ट परिसर के बाहर 'जय श्री राम' के नारे लगाए गए।
साक्षी महाराज पर आरोप पहले ही तय हो चुके थे, आज ट्रायल था, जज ने उन्हें कल भी बुलाया है। कोर्ट रूम से बाहर आकर साक्षी ने कहा, सूर्य अपनी गर्मी छोड़ सकता है और चंद्रमा अपनी शीतलता, गंगा वापस हिमालय जा सकती है लेकिन राम मंदिर बनने से कोई नहीं रोक सकता।
साक्षी बोले कि कारसेवकों के देखने मात्र से विवादित ढांचा टूट गया, किसी ने कोई साजिश नहीं की थी। वहीं वह ये भी बोले, जैसे ढांचे पर रोजाना ट्रायल चलाया जा रहा है वैसे ही सुप्रीम कोर्ट को भी राम मंदिर पर रोजाना सुनवाई करनी चाहिए।
साक्षी महाराज ने ये भी कहा कि कोर्ट में मंदिर बनाने की बात करूंगा। मंदिर बनाना तो पुण्य का काम है। इस मामले में उमा भारती ने कहा, मैं छह दिसंबर को अयोध्या में मौजूद थी। मेरी तो खुली भागीदारी थी। जैसे इमरजेंसी के खिलाफ आंदोलन था वैसे ही ये खुला आंदोलन था। इसमें भाजपा के करोड़ों नेता शामिल हुए थे।
वहीं विनय कटियार ने कहा कि मुझे कोई मलाल नहीं है। लाखों भक्तों की इच्छा कथी जिसे हम सबने मिलकर पूरा किया। ट्रायल के दौरान लखनऊ पहुंचे राम विलास वेदांती ने कहा, केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है। हमें पूरा विश्वास है कि अयोध्या में भव्य मंदिर बनेगा। उन्होंने कहा, हमने खंडहर मंदिर तोड़ा था वहां मस्जिद का कोई नामोनिशान नहीं था। हम पुराना ढांचा तोड़कर नया मंदिर बनवाना चाहते थे। इसमें आडवाणी और जोशी का कोई दोष नहीं है। उन्होंने हमें रोका था हमने ही कारसेवकों को ललकारकर मंदिर का ढांचा ध्वस्त करवाया था।