संस्कृत को रोजगार से कैसे जोड़ा जाए और आम लोगों की भाषा बनाने के लिए
क्या किया जाए?
ये और इस जैसे कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब तलाशने को देश
भर के संस्कृत विद्वान 13 सितंबर से राजधानी में जुटेंगे।
मौका होगा तीन
दिवसीय अखिल भारतीय संस्कृत सम्मेलन का। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होने
वाले समारोह की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मानव संसाधन मंत्रालय, नई
दिल्ली के डिप्टी सेक्रेटरी दीपक अग्रवाल और पवन मेहता संस्थान पहुंचे।