श्रावस्ती। जमुनहा के राप्ती बैराज पर शुक्रवार को सातवें दिन भी राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना रहा। नदी की उग्र लहरें कई गांवों में कटान कर रही हैं।
नेपाल व पहाड़ों सहित जिले में आए दिन हो रही बारिश से विगत एक सप्ताह से राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान 127.70 सेंटीमीटर से ऊपर बना हुआ है। कभी 20 तो कभी पांच सेंटीमीटर जलस्तर ऊपर होने के कारण नदी की लहरें अपने तट पर बसे इकौना के टेंडवा, जगरावलगढ़ी, कुम्हारगढ़ी व गिलौला के बैदौरा, कसियापुर तथा जमुनहा के बरंगा व घाटेपुरवा सहित अन्य गांवों में कटान कर रही है।
वहीं बृहस्पतिवार रात नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच जाने के कारण जमुनहा-बहराइच मार्ग स्थित बहोरवा से जोगिया लक्ष्मणपुर सेमराहनिया नासिरगंज मार्ग पर स्थित बहोरवा जोगिया डिप पर बाढ़ का पानी आ जाने से लोगों की परेशानी बढ़ गई। लोग जान जोखिम में डालकर डिप पार कर रहे हैं।
इससे जोगिया, भलुइया, शमशेर गंज, सुखराम पुरवा, धोबिया, पोंडला, पोंडली व लक्ष्मणपुर का आवागमन प्रभावित है। वहीं शुक्रवार को नदी का जलस्तर घट कर 127.75 सेंटीमीटर पहुंचने से लोगों को राहत मिली। लेकिन सेमरहनिया काला गांव मार्ग कट जाने से कछारवासियों की दुश्वारियां बरकरार हैं।