लखनऊ। पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश चंद्रमोहन मिश्रा ने शुभम यादव को नाबालिग लड़की को ले जाने और दुष्कर्म के आरोप से बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोप साबित नहीं कर पाया। अभियोजन की ओर से पेश गवाह भी आरोप सिद्ध करने में सक्षम नहीं थे।
वादी ने 16 अप्रैल 2017 को पारा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें 15 अप्रैल की शाम से 16 साल की बेटी के गायब होने की बात थी। रिपोर्ट में आदित्य गुप्ता पर शंका जताई गई थी। पुलिस ने आदित्य को निर्दोष करार देकर शुभम यादव के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान पीड़िता ने बताया कि वह शुभम से प्यार करती थी। बालिग होने पर उसने शुभम से अपनी मर्जी से विवाह कर लिया था। अब उनके दो बच्चे भी हैं। पीड़िता ने बताया की वादी ने शक के आधार पर आदित्य का नाम रिपोर्ट में दर्ज करा दिया था।