श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की 22 जुलाई को हुई बैठक में भी महासचिव के नाम पर मुहर नहीं लग सकी। इसे लेकर लगातार मंथन जारी है। महासचिव के नामों पर किसी न किसी स्तर पर पेच फंस रहा है। दिल्ली स्तर से नाम फाइनल होगा या फिर लखनऊ की राय अहम होगी, इस पर अभी फैसला होना बाकी है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों स्तरों पर इसे लेकर जद्दोजहद जारी है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया था। सभी नाम वहीं से तय किए गए थे। विश्व हिंदू परिषद के चंपत राय को सबसे अहम महासचिव पद की जिम्मेदारी दी गई थी। चढ़ावा चोरी मामले में उनका इस्तीफा हो चुका है। 6 जुलाई को उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया था। तब बताया गया था कि 22 जुलाई को होने वाली बैठक में नए महासचिव का चयन किया जाएगा। तब तक कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव बनाया गया था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब बताया जा रहा है कि महासचिव समेत अन्य रिक्त पदों को भरने में अभी कुछ और सप्ताह का समय लगेगा।
सूत्रों के मुताबिक, महासचिव विश्व हिंदू परिषद से होगा या संघ से, इसे लेकर चर्चा चल रही है। वहीं यह भी देखा जा रहा है कि व्यक्ति का चयन लखनऊ से होगा या दिल्ली से। यही दो सबसे अहम वजहें हैं, जिनके कारण अब तक महासचिव का नाम तय नहीं हो सका है। हालांकि, अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन का नाम भी चर्चा में है। वह उत्तर प्रदेश के हैं और संघ से जुड़े हैं। वहीं, विश्व हिंदू परिषद के बजरंग लाल बागड़ा का नाम भी चल रहा है। अब देखना होगा कि इनमें से किसके नाम पर सहमति बनती है या फिर कोई तीसरा नाम सामने आता है।