फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: क्या दान में मिले गहने गला दिए गए हैं? एसआईटी की जांच में हो सकते हैं बड़े खुलासे

Sat, 04 Jul 2026 08:43 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Ram Temple offering theft: राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच करने के लिए अयोध्या गई टीम शुक्रवार देर रात लौट आई थी। इस बार कुछ अहम खुलासे हो सकते हैं। 

 
विज्ञापन
राम मंदिर चढ़ावा चोरी। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच करने अयोध्या गई एसआईटी शुक्रवार देर रात लखनऊ वापस लौट आई। दो दिनों तक छानबीन के दौरान मंदिर प्रशासन, ट्रस्ट के पदाधिकारियों और गणना में लगे कर्मियों से पूछताछ की। वहीं, ट्रस्ट के ऑडिट संबंधी दस्तावेज कब्जे में लेकर सीए से पूछताछ की। शुरुआती जांच में ट्रस्ट द्वारा कराए गए ऑडिट में कई खामियां मिली हैं।

विज्ञापन


एसआईटी प्रारंभिक जांच करने के बाद 20 जून को वापस लौटी थी। उसके बाद रिपोर्ट शासन को सौंप दी थी। विस्तृत जांच वर्तमान में जारी है। बीते बृहस्पतिवार को एसआईटी के तीनों अधिकारी, लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज लखनऊ किरण एस और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन दोबारा अयोध्या पहुंचे थे। उन्होंने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव समेत करीब 40 लोगों से दो दिनों में पूछताछ की। एसआईटी अब पता कर रही है कि ट्रस्ट के गठन से लेकर अब तक जो भी वित्तीय लेनदेन और व्यय हुआ है, उसमें क्या गड़बड़ियां हैं। तमाम लोगों के बयान लेने व दस्तावेज कब्जे में लेकर एसआईटी वापस लौट आई। तीन से चार दिन बाद फिर एसआईटी अयोध्या जा सकती है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी की तफ्तीश कर रही एसआईटी दूसरे दौर की जांच कर शुक्रवार रात वापस लखनऊ लौट आई। जांच में वित्तीय लेनदेन यानी ट्रस्ट द्वारा कराए गए ऑडिट में कई खामियां मिली हैं। वहीं, कुछ ऐसे साक्ष्य सामने आए हैं, जिससे आशंका है कि दान में दिए गए गहनों को गलाकर उनका मूल स्वरूप बदल दिया गया। उसके बाद उसमें हेरफेर किया गया। फिलहाल जांच पूरी होने पर पता चल सकेगा कि कहां, कितनी गड़बड़ी की गई। उधर, पुलिस ने विवेचना के दौरान बैंक कर्मियों समेत आठ संदिग्धों को चिह्नित किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

चढ़ावा चोरी के मामले में अदालत में पेश हुए विवेचक

 राम मंदिर में चढ़ावा चोरी व गबन के मामले में दर्ज प्राथमिकी के विवेचक आशुतोष तिवारी शनिवार को विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट में पेश हुए। इस दौरान उन्होंने आरोपी अविनाश शुक्ला को पुलिस कस्टडी रिमांड में लेने के बाद की गई कार्रवाई से कोर्ट को अवगत कराया। साथ ही पांच अन्य आरोपियों के बयान दर्ज करने की अनुमति मांगी।

विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा ने आरोपी अविनाश शुक्ला के पास से की गई बरामदगी के कागजात के अवलोकन की कार्यवाही पूरी की। इस दौरान विशेष अभियोजन अधिकारी के माध्यम से पेश किए प्रार्थना पत्र पर अदालत ने विवेचक को पांच आरोपियों से जेल में जाकर बयान लेने के लिए अनुमति का आदेश पारित किया। हालांकि, आरोपियों के नाम बताने से विवेचक तिवारी कतराते रहे।

13 घंटे की मिली थी पुलिस कस्टडी
दो जुलाई को विवेचक ने अदालत से आरोपी अविनाश शुक्ला की 48 घंटे के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी थी। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अदालत के विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा ने रिमांड प्रार्थना पर सुनवाई के बाद केवल 13 घंटे के लिए ही आरोपी की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की थी।

पांचों आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड की हो सकती है मांग
पांच आरोपियों के बयान दर्ज करने की अनुमति मिलने की प्रक्रिया को पुलिस रिमांड की कार्यवाही का पहला कदम माना जा रहा है। जेल में निरुद्ध आरोपियों के बयान के आधार पर ही आरोपियों की पुलिस अभिरक्षा में दिए जाने की मांग की जा सकती है। वहीं, यदि विवेचक को लगता है कि आरोपी के बयान से जांच पूरी हो गई है तो वह उस आरोपी के लिए कस्टडी रिमांड की मांग नहीं करेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें