राम मंदिर में चढ़ावा चोरी व गबन के मामले में दर्ज प्राथमिकी के विवेचक आशुतोष तिवारी शनिवार को विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट में पेश हुए। इस दौरान उन्होंने आरोपी अविनाश शुक्ला को पुलिस कस्टडी रिमांड में लेने के बाद की गई कार्रवाई से कोर्ट को अवगत कराया। साथ ही पांच अन्य आरोपियों के बयान दर्ज करने की अनुमति मांगी।
विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा ने आरोपी अविनाश शुक्ला के पास से की गई बरामदगी के कागजात के अवलोकन की कार्यवाही पूरी की। इस दौरान विशेष अभियोजन अधिकारी के माध्यम से पेश किए प्रार्थना पत्र पर अदालत ने विवेचक को पांच आरोपियों से जेल में जाकर बयान लेने के लिए अनुमति का आदेश पारित किया। हालांकि, आरोपियों के नाम बताने से विवेचक तिवारी कतराते रहे।
13 घंटे की मिली थी पुलिस कस्टडी
दो जुलाई को विवेचक ने अदालत से आरोपी अविनाश शुक्ला की 48 घंटे के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी थी। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अदालत के विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा ने रिमांड प्रार्थना पर सुनवाई के बाद केवल 13 घंटे के लिए ही आरोपी की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की थी।
पांचों आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड की हो सकती है मांग
पांच आरोपियों के बयान दर्ज करने की अनुमति मिलने की प्रक्रिया को पुलिस रिमांड की कार्यवाही का पहला कदम माना जा रहा है। जेल में निरुद्ध आरोपियों के बयान के आधार पर ही आरोपियों की पुलिस अभिरक्षा में दिए जाने की मांग की जा सकती है। वहीं, यदि विवेचक को लगता है कि आरोपी के बयान से जांच पूरी हो गई है तो वह उस आरोपी के लिए कस्टडी रिमांड की मांग नहीं करेगा।