एसआईटी रिपोर्ट में चढ़ावा चोरी को लेकर तमाम साक्ष्य जुटाए गए हैं। गवाहों के बयान भी अहम हैं। सूत्रों के मुताबिक कई पदाधिकारियों की संलिप्तता की भी आशंका जताई गई है। इसके अलावा पूरी व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों की भूमिका विस्तृत रूप से दर्ज की गई है। एसआईटी रिपोर्ट को लेकर सीएम को ब्रीफ करेगी। उसके बाद जो निर्देश मिलेंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू होगी। चोरी में संलिप्त लोगों पर एफआईआर की संस्तुति एसआईटी ने की है।
मंदिर प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त थी। जिम्मेदार बेखबर रहे और खेल होता रहा। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने इसका अपनी रिपोर्ट में प्रमुखता से जिक्र किया है। जो गाइडलाइन थी, उसका पालन ही नहीं किया गया। यह लापरवाही ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों के लिए मुसीबत बन सकती है।