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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: आज खुल सकता है रहस्य से पर्दा, सीएम को सौंपी जा सकती है SIT रिपोर्ट; होंगे बड़े खुलासे

Mon, 22 Jun 2026 07:27 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Ram Temple offering theft:राम मंदिर चढ़ावा चोरी के रहस्य से आज पर्दा उठ सकता है। एसआईटी की टीम शनिवार को लखनऊ लौट आई थी। वह अपनी रिपोर्ट आज सौंप सकती है। 
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राम मंदिर के चढ़ावे की राशि में गबन - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 एसआईटी राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप सकती है। छह दिनों तक एसआईटी ने छानबीन कर तमाम अहम साक्ष्य जुटाए हैं। सीएम को जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में कार्रवाई शुरू होगी। विस्तृत जांच के लिए एसआईटी को दो से तीन सप्ताह का और वक्त दिया जा सकता है।

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छह जून को चोरी का मामला उजागर हुआ था। 13 जून को शासन ने एसआईटी का गठन किया था। इसके बाद एसआईटी में शामिल लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, लखनऊ आईजी रेंज किरन एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन अयोध्या पहुंचे थे। छह दिनों तक तफ्तीश करने के बाद डेढ़ सौ से अधिक पन्नों की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट तैयार की। शनिवार देर शाम एसआईटी लखनऊ लौटी। कयास लगाए जा रहे थे कि रविवार को रिपोर्ट सीएम को सौंप दी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी सोमवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगी। तभी रिपोर्ट उन्हें सौंपेगी।

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चोरी से लेकर लापरवाही के साक्ष्य

एसआईटी रिपोर्ट में चढ़ावा चोरी को लेकर तमाम साक्ष्य जुटाए गए हैं। गवाहों के बयान भी अहम हैं। सूत्रों के मुताबिक कई पदाधिकारियों की संलिप्तता की भी आशंका जताई गई है। इसके अलावा पूरी व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों की भूमिका विस्तृत रूप से दर्ज की गई है। एसआईटी रिपोर्ट को लेकर सीएम को ब्रीफ करेगी। उसके बाद जो निर्देश मिलेंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू होगी। चोरी में संलिप्त लोगों पर एफआईआर की संस्तुति एसआईटी ने की है।
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नियम-कायदे रख दिए ताक पर, होगी मुसीबत

मंदिर प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त थी। जिम्मेदार बेखबर रहे और खेल होता रहा। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने इसका अपनी रिपोर्ट में प्रमुखता से जिक्र किया है। जो गाइडलाइन थी, उसका पालन ही नहीं किया गया। यह लापरवाही ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों के लिए मुसीबत बन सकती है।
 
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