राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा।
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श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने शनिवार को राम मंदिर निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए चढ़ावा चोरी प्रकरण को कलंक बताया। उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष, आंदोलन और बलिदान के बाद भगवान श्रीराम अपने भव्य मंदिर में विराजमान हुए हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि व्यवस्थाओं में सुधार होगा और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति नहीं होगी।
नृपेंद्र मिश्र ने मंदिर परिसर में निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण करने के बाद कार्यदायी संस्थाओं के इंजीनियरों के साथ समीक्षा बैठक की। साथ ही रामकथा संग्रहालय के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। संग्रहालय में हुई बैठक में एलएंडटी, टाटा, राजकीय निर्माण निगम और इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड के प्रतिनिधि शामिल हुए, जबकि ट्रस्ट के पदाधिकारी इसमें मौजूद नहीं रहे। उन्होंने बताया कि राम मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और 30 जुलाई तक अधिकतर कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। केवल चार किलोमीटर लंबी परकोटा (बाउंड्रीवॉल) और अखंड ज्योति की स्थायी व्यवस्था का कार्य शेष रहेगा। परकोटा का निर्माण 30 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
नए सीईओ के चयन पर समिति करेगी फैसला
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम मंदिर ट्रस्ट के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है। यही समिति नए सीईओ की नियुक्ति पर अंतिम निर्णय लेगी। चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच पर उन्होंने कहा कि एसआईटी अपना काम कर रही है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होगी।