गोविंद देव गिरी ने कई टीवी चैनल पर इंटरव्यू दिए हैं। इस दौरान कई बार ये सवाल किया गया है कि मामला मंदिर की रकम चोरी का है, ऐसे में बतौर कोषाध्यक्ष क्या आप अपने पद से इस्तीफा देंगे, इस पर वह भड़क गए। यहां तक कि एक बार वह काफी भड़क भी गए। उन्होंने कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगे। उनकी किसी भी तरह की कोई भूमिका नहीं है। जो दोषी हैं, उन पर पुलिस कार्रवाई कर रही है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी है। मंगलवार को जारी हस्तलिखित बयान में उन्होंने कहा कि सात जून 2026 से दानपात्रों की गणना के दौरान चोरी को लेकर अनेक प्रकार की चर्चाएं चल रही हैं। मेरे ऊपर कई तरह के गंभीर आरोप लगाए गए हैं, लेकिन मैंने मौन धारण कर लिया है। एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद हर एक सवाल व आरोप का जवाब दूंगा।
चंपत राय ने लिखा कि ट्रस्ट की छह जुलाई को हुई बैठक में एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी। जो अब सार्वजनिक हो चुकी है। कटाक्ष करते हुए लिखा कि जो रिपोर्ट परम गोपनीय थी। आगे लिखा कि आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि एसआईटी की अंतिम जांच पूरी होने और रिपोर्ट आने के बाद उन पर लगाए जा रहे सभी आरोपों और उठाए जा रहे सभी बिंदुओं पर क्रमवार जवाब देंगे। तब पूरा सच सभी के सामने आ जाएगा।
अपने बयान में चंपत राय ने यह भी लिखा कि वह वर्ष 1991 से अयोध्या में संगठन के कार्य के लिए आए थे। उनका लगभग 45 वर्षों का सार्वजनिक जीवन रहा है, जो एक खुली पुस्तक की तरह है। उन्होंने विश्वास जताया कि अंततः सत्य की ही जीत होगी।