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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: बैंक लॉकरों का हो रहा सत्यापन, SIT बना रही है डिजिटल साक्ष्य; चंपत फिर आए सुर्खियों में

Wed, 26 Aug 2026 08:44 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

Ram Temple Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर चल रही एसआईटी की जांच अब बैंक लॉकरों के फोरेंसिक सत्यापन तक पहुंच गई है।
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी के प्रकरण की जांच अब दस्तावेजों से आगे बढ़कर भौतिक संपत्तियों और बैंक लॉकरों के फोरेंसिक सत्यापन तक पहुंच गई है। एसआईटी की फोरेंसिक ऑडिट टीम राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े सभी 30 बैंक लॉकरों में रखे सामान का सत्यापन कर रही है। जांच का फोकस यह मिलान करने पर है कि लॉकरों में दर्ज रिकॉर्ड के मुताबिक जो वस्तुएं होनी चाहिए, वे मौजूद हैं या नहीं।

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जांच टीम ने मंगलवार को भी जांच प्रक्रिया पूरी की। जांच टीम लॉकर खोलने की प्रक्रिया से लेकर उसमें रखे प्रत्येक सामान का वीडियो रिकॉर्ड तैयार कर रही है। वस्तु की पहचान, उसकी संख्या, उपलब्धता और संबंधित अभिलेखों से मिलान की प्रक्रिया को जांच का हिस्सा बनाया गया है। इस पूरी कवायद का उद्देश्य भौतिक रूप से उपलब्ध सामग्री और ट्रस्ट के रिकॉर्ड के बीच किसी भी तरह के अंतर को चिह्नित करना है। फोरेंसिक सत्यापन के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट को डिजिटल माध्यम में सुरक्षित किया जाएगा।

जांच से जुड़े दस्तावेजों और वीडियोग्राफिक साक्ष्यों को पेन ड्राइव में संकलित कर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश किए जाने की तैयारी है। इससे जांच में जुटाए जा रहे भौतिक साक्ष्यों का डिजिटल रिकॉर्ड भी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बनेगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एसआईटी की जांच अंतिम चरण में है। सितंबर के पहले सप्ताह में जांच टीम सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है। दो सितंबर को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक भी होनी है। जानकारी के अनुसार इस बैठक के बीच अंतिम रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत की जाएगी।
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एक-एक वस्तु का डिजिटल साक्ष्य तैयार
फोरेंसिक ऑडिट में केवल सामान की गिनती तक प्रक्रिया सीमित नहीं है। प्रत्येक वस्तु के सत्यापन के साथ उसका ऑडियो-वीडियो साक्ष्य, विवरण और रिकॉर्ड से मिलान दर्ज किया जा रहा है। जांच से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड को सुरक्षित माध्यम में संरक्षित किया जा रहा है, ताकि आगे की न्यायिक प्रक्रिया में इसकी प्रमाणिकता बनी रहे। सूत्रों के मुताबिक सत्यापन के दौरान लॉकर में मौजूद वस्तुओं का रिकॉर्ड तैयार करने के साथ यह भी देखा जा रहा है कि संबंधित वस्तु किस अभिलेख में दर्ज है और मौके पर उसकी स्थिति क्या है।

चंपत राय को फिर महासचिव बनाने की चर्चा पर विरोध

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने चंपत राय को दोबारा ट्रस्ट का महासचिव बनाए जाने की चर्चाओं का विरोध किया है। उन्होंने 23 अगस्त को ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास व संपूर्ण कार्यकारिणी सदस्यों को ईमेल भेजकर अपना विरोध दर्ज कराया और आग्रह किया कि उनके पत्र को कार्यकारिणी की बैठक में रखा जाए। महिपाल सिंह ने ईमेल में दावा किया है कि विभिन्न स्रोतों से उन्हें जानकारी मिली है कि चंपत राय को पुनः महासचिव मनोनीत किए जाने पर विचार हो रहा है। मंदिर से जुड़े कथित भ्रष्टाचार, चोरी और अव्यवस्था के आरोपों की जांच के बीच उन्हें दोबारा जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर आपत्ति जताई है। पूर्व लेखा प्रभारी ने कहा है कि प्रथम एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में चोरी, अव्यवस्था, नियमों की अनदेखी और सुनियोजित भ्रष्टाचार से संबंधित तथ्य सामने आने का दावा किया गया है। उन्होंने ट्रस्ट से इस रिपोर्ट को देखने की अपील करते हुए कहा कि ऐसे आरोपों के बीच चंपत राय को फिर से महासचिव बनाया जाना उचित नहीं होगा।
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जन्मदिन से लेकर मठ-मंदिरों के उत्सव में चंपत राय की दस्तक

राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय - फोटो : amar ujala
 समय का खेल भी अजीब है... कुछ माह पहले तक श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव रहते हुए कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किए जाने वाले चंपत राय अब रामनगरी के मठ-मंदिरों के छोटे-बड़े आयोजनों में लगातार नजर आ रहे हैं। जन्मदिन समारोह हो, मंदिर का उत्सव हो या कोई धार्मिक अनुष्ठान, चंपत राय की मौजूदगी इन दिनों लगभग हर जगह दिखाई दे रही है। वह साधु-संतों से मुलाकात कर रहे हैं। उनका आशीर्वाद ले रहे हैं।

बदली परिस्थितियों में चंपत राय की सक्रियता का यह नया अंदाज चर्चा का विषय बना हुआ है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर इस सक्रियता के पीछे संदेश क्या है। खासकर इसलिए कि यह सक्रियता ऐसे समय में बढ़ी है, जब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की दो सितंबर को महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। बैठक में ट्रस्ट के महासचिव, प्रवक्ता, सीईओ व खाली पड़े पदों पर नियुक्ति किए जाने की पूरी उम्मीद है।
संतों के बीच चर्चा है कि वह अपने पुराने संपर्कों को फिर से मजबूत कर रहे हैं। इसे राम मंदिर ट्रस्ट में संभावित वापसी के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि चंपत राय की ट्रस्ट में वापसी को लेकर अभी कोई आधिकारिक स्थिति सामने नहीं आई है, लेकिन उनकी बढ़ती सक्रियता ने इन अटकलों को हवा जरूर दे दी है।

निमंत्रण हो या न हो, संतों के बीच पहुंच रहे
विश्व हिंदू परिषद से जुड़े एक कार्यकर्ता के अनुसार, चंपत राय इन दिनों रामनगरी के मठ-मंदिरों में होने वाले आयोजनों में लगातार पहुंच रहे हैं। जहां औपचारिक निमंत्रण है, वहां कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं और जहां निमंत्रण नहीं भी है, वहां संतों से व्यक्तिगत मुलाकात के लिए पहुंच रहे हैं। साधु-संतों से संवाद, आशीर्वाद और आत्मीय मुलाकातों के सिलसिले के मायने निकाले जा रहे हैं।

क्या वापसी के लिए तैयार हो रही जमीन
ट्रस्ट की बैठक से पहले चंपत की सक्रियता को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वे ट्रस्ट में अपनी वापसी के लिए जमीन तैयार कर रहे हैं। क्या संतों से लगातार संवाद और आशीर्वाद लेने के पीछे पुराने समर्थन को फिर से मजबूत करने का प्रयास है, या फिर यह केवल रामनगरी से उनके पुराने जुड़ाव और व्यक्तिगत संबंधों का परिणाम है। इन सवालों का जवाब फिलहाल स्पष्ट नहीं है।






 
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