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राम मंदिर चंदा गबन: सीसीटीवी फुटेज और कैश हैंडलिंग प्रक्रिया की पड़ताल में जुटा ट्रस्ट, फूटे विरोध के स्वर

Thu, 11 Jun 2026 06:46 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

Ram Mandir donation: राम मंदिर चंदा गबन के मामले अब राम मंदिर ट्रस्ट सीसीटीवी फुटेज और कैश हैंडलिंग प्रक्रिया की तकनीकी पड़ताल में जुट गया है। 
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राम मंदिर चंदा गबन विवाद। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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राम मंदिर की दान राशि में कथित गड़बड़ी और गबन के आरोपों को लेकर चर्चा लगातार तेज है, लेकिन इस पूरे मामले पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के शीर्ष ट्रस्टी अब तक सार्वजनिक रूप से चुप्पी साधे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार ट्रस्ट स्तर पर मामले की गोपनीय जांच कराई जा रही है और जांच पूरी होने तक कोई भी जिम्मेदार पदाधिकारी खुलकर कुछ कहने से बच रहा है।

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जानकारी के मुताबिक, जांच का केंद्र केवल कथित गबन तक सीमित नहीं है, बल्कि दान संग्रह से लेकर उसकी गणना, रिकॉर्डिंग और बैंक में जमा होने तक की पूरी प्रक्रिया की तकनीकी समीक्षा की जा रही है। बताया जा रहा है कि संबंधित तिथियों की सीसीटीवी फुटेज, दान पात्रों को खोलने की प्रक्रिया, कैश काउंटिंग के दौरान मौजूद कर्मचारियों की भूमिका और डिजिटल रिकॉर्ड का मिलान कराया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि मंदिर में दान राशि की गणना बहुस्तरीय व्यवस्था के तहत होती है। दान पात्रों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खोला जाता है और गणना के दौरान कई स्तरों पर निगरानी रखी जाती है। ऐसे में जांचकर्ता यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि कथित गड़बड़ी प्रक्रिया संबंधी कमी है या फिर किसी व्यक्ति विशेष की भूमिका सामने आती है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कुछ कर्मचारियों के दायित्वों में बदलाव और संदिग्ध गतिविधियों की आंतरिक समीक्षा भी किए जाने की चर्चा है। हालांकि ट्रस्ट की ओर से अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस बीच संत समाज और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कई प्रमुख लोगों की ओर से निष्पक्ष जांच की मांग उठाए जाने के बाद मामले को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
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अब विनय कटियार ने उठाई जांच की मांग

विनय कटियार ने भी उठाए सवाल। - फोटो : सोशल मीडिया
 राम मंदिर की दान राशि में कथित गबन और चोरी के आरोपों का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल और बजरंग दल के संस्थापक विनय कटियार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर दी है। कटियार के बयान के बाद यह मुद्दा और चर्चा में आ गया है। वहीं संत समाज के कई प्रमुख संतों ने भी पारदर्शी जांच कर सच्चाई सामने लाने की बात कही है।

विनय कटियार ने कहा कि उनके पास अभी इस बात की कोई प्रमाणिक जानकारी नहीं है कि वास्तव में चोरी या गबन हुआ है या नहीं, लेकिन जब इस प्रकार के आरोप लगाए जा रहे हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच अवश्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और इससे जुड़े किसी भी विवाद पर स्पष्टता आना जरूरी है। उन्होंने वह कानपुर से इसी मामले के लिए ही अयोध्या पहुंचे हैं। श्रीराम जन्मभूमि केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में दानराशि से जुड़े किसी भी विवाद का पारदर्शी समाधान होना चाहिए। अगर किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मैं मंदिर की व्यवस्थाओं से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा नहीं हूं। इसलिए पूरी जानकारी के बिना अंतिम टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट को पूरे मामले की समीक्षा करनी चाहिए, जरूरत पड़े तो स्वतंत्र जांच करानी चाहिए। जांच होगी तो सत्य सामने आएगा और लोगों का विश्वास और मजबूत होगा।
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जांच से ही स्पष्ट होगी पूरे मामले की वास्तविक स्थिति: विवेक

रामनगरी की प्राचीन पीठ दंतधावन कुंड आचारी मंदिर के पीठाधिपति महंत विवेक आचारी ने भी कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। करोड़ों भक्तों की आस्था से जुड़े इस विषय में जो भी तथ्य हैं, उन्हें जनता के सामने लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरोपों से राम मंदिर ट्रस्ट व अयोध्या की छवि धूमिल हो रही है। जांच से ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और श्रद्धालुओं के मन में उठ रहे सवालों का जवाब मिल सकेगा।
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