राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय
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यदि मुख्यमंत्री के राम मंदिर प्रवास के दौरान चंपत राय सार्वजनिक रूप से प्रमुख भूमिका में दिखाई नहीं देते हैं, तो इसे जांच प्रक्रिया के बीच एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जाएगा। इससे यह संकेत जा सकता है कि सरकार दानराशि गड़बड़ी प्रकरण की जांच को पूरी गंभीरता से ले रही है और जांच पूरी होने तक किसी भी व्यक्ति के पक्ष या विपक्ष में खड़े होने की बजाय संस्थागत प्रक्रिया को प्राथमिकता दे रही है। यह संदेश भी जा सकता है कि सरकार मंदिर की आस्था और विवादों को अलग-अलग रखकर देखना चाहती है। एक ओर मुख्यमंत्री रामलला के दर्शन कर श्रद्धालुओं और संत समाज से जुड़ाव का संदेश देंगे, वहीं दूसरी ओर विवादों के केंद्र में रहे व्यक्तियों से औपचारिक दूरी बनाए रखकर पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर देते दिखाई देंगे।