मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विहिप की धर्मसभा की पूर्व संध्या पर अयोध्या में भगवान राम की 221 मीटर ऊंची विशालकाय दिव्य मूर्ति स्थापित कराने तोहफा दिया। यह भव्य मूर्ति कांसे की होगी। इस मूर्ति के साथ अत्याधुनिक म्युजियम भी स्थापित होगा। इसमें अयोध्या और राम से जुड़ा पूरा इतिहास होगा।
मध्य प्रदेश के व्यस्त चुनाव-प्रचार से लौटे मुख्यमंत्री के समक्ष देर रात मूर्ति का प्रजेंटेशन हुआ। इसमें शार्टलिस्टेड पांच वास्तुविद फर्मों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री के सामने धनुष पर बाण चढ़ाने के लिए तत्पर वनवासी राम के स्वरूप वाली मूर्ति थी तो अलग-अलग स्वरूप में राजा राम के छवि वाली एकल मूर्ति रखी गई। मुख्यमंत्री ने छत्र के नीचे भगवान राम की पूर्ण स्वरूप वाली राजा राम के वेश वाली मूर्ति को लगाए जाने पर अपनी सहमति दी। प्रजेंटेशन के समय प्रसिद्ध मूर्तिकार रामसुतार भी मौजूद थे।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि मूर्ति की स्थापना के लिए उपयुक्त भूमि के चयन की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। इसके लिए स्वायल टेस्टिंग व विंड टनेल टेस्टिंग जैसे कार्य कराए जा रहे हैं।