डीएम ने बताया कि रामनवमी पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से राम मंदिर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे। सूर्य तिलक मुख्य आकर्षण होगा। रामलला के दर्शन अवधि के बारे में अंतिम निर्णय ट्रस्ट की ओर से लिया जाएगा। श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने पर दर्शन की अवधि बढ़ा दी जाएगी। पहले भी ऐसा किया गया है।
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सामाजिक संगठनों के सहयोग से संचालित होंगे भंडारे
जिलाधिकारी के अनुसार रामनवमी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में उनके लिए जगह-जगह शेड, पेयजल और शौचालयों के इंतजाम किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशाें के अनुरूप गर्मी और धूप से बचाव के उपायों पर विशेष तौर पर ध्यान दिया जा रहा है। विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से भंडारे और जल प्याऊ की भी व्यवस्था प्रभावी की जा रही है।
रामनवमी पर अयोध्या में छह अप्रैल को शाम पांच से साढ़े सात बजे तक ढाई लाख से अधिक दीप जलाए जाएंगे। इन दीपों से रामकथा पार्क के सामने पक्का घाट, चौधरी चरण सिंह घाट और राम की पैड़ी प्रकाशमान होंगे। यह दीपोत्सव न केवल आध्यात्मिकता का प्रतीक होगा, बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक अनुपम दृश्य प्रस्तुत करेगा। डीएम चंद्र विजय सिंह ने बताया कि नवरात्र की अष्टमी के मौके पर पांच अप्रैल को सुबह सात बजे राम मंदिर से कनक भवन होते हुए रानी हो पार्क तक हेरिटेज वॉक निकाली जाएगी, जो रामकथा पार्क में समाप्त होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर श्रीराम की नगरी अयोध्या में इस बार रामनवमी का पर्व ऐतिहासिक और भव्य तरीके से मनाया जाएगा। रामनवमी के अवसर पर अयोध्या में सरस मेला और फर्नीचर मेला भी लगाया जाएगा, जो श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगा। रामकथा पार्क में आयोजित होने वाले सरस मेला में देश भर से आए हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। फर्नीचर मेला स्थानीय कारीगरों की कला को प्रदर्शित करेगा।