पूर्व राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि महाराष्ट्र में जनता ने भाजपा को बहुमत दिया। लेकिन शिवसेना ने चुनाव परिणाम के बाद भाजपा को धोखा देकर एनसीपी व कांग्रेस के गठबंधन से सरकार बना ली। उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून का समर्थन करते हुए कहा कि संसद से पारित इस कानून को राष्ट्रहित में अमल में लाना चाहिए। वे मंगलवार शाम को भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भाजपा ने जितनी सीटों पर चुनाव लड़ा उसमें से 70 फीसदी सीटें जीती हैं। लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना ने विवाद खड़ा किया। नाईक ने यूपी में अपने कार्यकाल के दौरान कुष्ठ रोगियों की मदद, उप्र स्थापना दिवस समारोह, विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह सहित अन्य उपलब्धियों का जिक्र किया। इससे पहले भाजपा प्रदेश महामंत्री विद्यासागर सोनकर, भारत दीक्षित, प्रवक्ता समीर सिंह और मनीष दीक्षित ने उनका स्वागत किया।
14 भाषा में प्रकाशित होगी चरैवेति-चरैवेति
राम नाईक ने कहा कि यूपी का राज्यपाल रहते हुए वे एक्सीडेंटली लेखक भी बन गए। उनकी लिखी चरैवेति-चरैवेति पुस्तक अब तक 11 भाषाओं में प्रकाशित हो चुकी है। जल्द ही तमिल, नेपाली और सिक्किम की लेप्चा भाषा में भी प्रकाशित होगी। उन्होंने दावा किया कि किसी भी राजनेता की किताब का 14 भाषाओं में प्रकाशन नहीं हुआ है।