SIT ने 23 जून को रिपोर्ट सौंपी, 2 दिन बाद गिरफ्तारी
चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया। यूपी सरकार ने 13 जून को SIT बनाई। SIT ने 23 जून को एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (गृह) संजय प्रसाद को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। इसके 2 दिन बाद कार्रवाई हुई और मंदिर से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार किया।
केजरीवाल बोले- राम का नाम इस्तेमाल कर सत्ता में आई भाजपा
केजरीवाल ने कहा- 30 साल तक भगवान राम के नाम का इस्तेमाल कर, उनका मंदिर बनवाने के नाम पर चंदा चोर पार्टी सत्ता में आई। जब से ये सत्ता में आए, तब से इन्होंने राम मंदिर को अपने पैसे की हवस का शिकार बना दिया। एक कुसुम पाठक और हरीश पाठक हैं, जिन्होंने 18 मार्च 2021 को अपनी सवा हेक्टेयर जमीन चंदा चोरों से संबंधित दो लोगों को दो करोड़ में बेची। इसके 10 मिनट के अंदर ट्रस्ट ने चंदा चोरों से इस दो करोड़ की जमीन को 18 करोड़ में खरीदा। कई बार शिकायत होने के बाद मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
अरुण राजभर बोले- योगी के एक्शन को विपक्ष नजीर के रूप में देखे
सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण राजभर ने कहा, यूपी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करती है। जनभावनाओं के साथ कोई भी खिलवाड़ करने का प्रयास करेगा, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अयोध्या से जिस तरीके से बातें निकलकर के आईं। इसके बाद सीएम योगी ने कहा- हम SIT का गठन करेंगे और दूध का दूध, पानी का पानी करने का काम करेंगे। विपक्ष के लोग इसे नजीर के रूप में देखें।
संजय राउत बोले- पूरी जांच और जवाबदेही तय करने का समय आ गया
शिवसेना नेता संजय राउत ने X पर पोस्ट किया। पूछा- अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए शिवसेना की तरफ से दान की गई 4 किलो चांदी की ईंट के गायब होने पर गंभीर सवाल उठ रहे है। उद्धव ठाकरे जी ने हजारों शिवसैनिकों और संतों की मौजूदगी में 1 करोड़ रुपये और यह पवित्र चांदी की ईंट दान की थी। फिर भी इतने साल बाद भी ट्रस्ट से कोई रसीद या जानकारी नहीं मिली। यह कहां गई? अब पूरी जांच और जवाबदेही तय करने का समय आ गया है।