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राम मंदिर: क्या मजबूरी थी पुलिस की, बिना बयान-प्रेसनोट जारी किए आरोपियों को भेजा जेल; 2 दिन बाद गिरफ्तार किया

Fri, 26 Jun 2026 05:49 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ

सार

राम मंदिर चढ़ावा मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई हुई। पुलिस ने विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की क्योंकि विवेचना जारी है। मामले पर विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। चंपत के पास पूरे मंदिर की जिम्मेदारी थी। राय के बाद ट्रस्टी अनिल और गोपाल राव की मंदिर व्यवस्था में बड़ी भूमिका थी। गुरुवार देर शाम ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर पहली FIR दर्ज कराई गई थी। 

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इसमें चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा समेत अन्य बड़े पदाधिकारियों के नाम नहीं हैं। इसके बाद देर रात रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आज सभी 8 आरोपियों का मेडिकल कराने के बाद इन्हें कोर्ट में पेश किया गया। वहीं, पुलिस ने आठों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन कार्रवाई के बाद पुलिस की ओर से विस्तृत प्रेस नोट या आधिकारिक बयान जारी नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

आमतौर पर किसी बड़ी गिरफ्तारी के बाद पुलिस विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूरे मामले, आरोपियों की भूमिका और बरामदगी की जानकारी साझा करती है। हालांकि इस मामले में गिरफ्तारी के बावजूद न तो कोई विस्तृत प्रेस नोट जारी किया गया और न ही वरिष्ठ अधिकारियों ने मीडिया को विस्तार से जानकारी दी। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है, इसलिए विवेचना पूरी होने के बाद आवश्यक तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा। 

 

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SIT ने 23 जून को रिपोर्ट सौंपी, 2 दिन बाद गिरफ्तारी

चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया। यूपी सरकार ने 13 जून को SIT बनाई। SIT ने 23 जून को एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (गृह) संजय प्रसाद को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी। इसके 2 दिन बाद कार्रवाई हुई और मंदिर से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार किया।

केजरीवाल बोले- राम का नाम इस्तेमाल कर सत्ता में आई भाजपा 

केजरीवाल ने कहा- 30 साल तक भगवान राम के नाम का इस्तेमाल कर, उनका मंदिर बनवाने के नाम पर चंदा चोर पार्टी सत्ता में आई। जब से ये सत्ता में आए, तब से इन्होंने राम मंदिर को अपने पैसे की हवस का शिकार बना दिया। एक कुसुम पाठक और हरीश पाठक हैं, जिन्होंने 18 मार्च 2021 को अपनी सवा हेक्टेयर जमीन चंदा चोरों से संबंधित दो लोगों को दो करोड़ में बेची। इसके 10 मिनट के अंदर ट्रस्ट ने चंदा चोरों से इस दो करोड़ की जमीन को 18 करोड़ में खरीदा। कई बार शिकायत होने के बाद मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।

 

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अरुण राजभर बोले- योगी के एक्शन को विपक्ष नजीर के रूप में देखे

सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण राजभर ने कहा, यूपी सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करती है। जनभावनाओं के साथ कोई भी खिलवाड़ करने का प्रयास करेगा, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अयोध्या से जिस तरीके से बातें निकलकर के आईं। इसके बाद सीएम योगी ने कहा- हम SIT का गठन करेंगे और दूध का दूध, पानी का पानी करने का काम करेंगे। विपक्ष के लोग इसे नजीर के रूप में देखें।
 

संजय राउत बोले- पूरी जांच और जवाबदेही तय करने का समय आ गया

शिवसेना नेता संजय राउत ने X पर पोस्ट किया। पूछा- अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए शिवसेना की तरफ से दान की गई 4 किलो चांदी की ईंट के गायब होने पर गंभीर सवाल उठ रहे है। उद्धव ठाकरे जी ने हजारों शिवसैनिकों और संतों की मौजूदगी में 1 करोड़ रुपये और यह पवित्र चांदी की ईंट दान की थी। फिर भी इतने साल बाद भी ट्रस्ट से कोई रसीद या जानकारी नहीं मिली। यह कहां गई? अब पूरी जांच और जवाबदेही तय करने का समय आ गया है।
 
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