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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: एसआईटी ने ट्रस्ट में सीईओ व्यवस्था लागू करने की सिफारिश की, जानें किसे मिल सकती है कमान

Tue, 30 Jun 2026 02:00 PM IST
Bhupendra Singh सूरज शुक्ला, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी ने सीईओ व्यवस्था लागू करने की सिफारिश की है। साथ ही यह भी कहा कि सेवानिवृत्त नहीं, सेवारत अधिकारी ट्रस्ट का सीईओ बने। कई मंदिरों में यही व्यवस्था है। यहां पर मंडलायुक्त, डीएम या कोई राजस्व अधिकारी सीईओ हो सकता है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला उजागर होने के बाद एसआईटी ने अन्य मंदिरों की तरह यहां पर भी मुख्य कार्यपालक अधिकारी की नियुक्ति करने की सिफारिश की है। जब ये व्यवस्था लागू होगी तो किसी सेवारत अधिकारी की नियुक्ति की जा सकती है। इसमें मंडलायुक्त, जिले के डीएम या कोई राजस्व अधिकारी हो सकता है।

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दरअसल, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को अब तक मुख्य रूप से चंपत राय, अनिल मिश्रा व गोपाल राव चला रहे थे। अन्य पदाधिकारियों का हस्तक्षेप न के बराबर रहा। ट्रस्ट का गठन फरवरी 2020 में हुआ था। छह साल के भीतर कई विवाद जुड़े। वहीं अब चढ़ावा चोरी जैसा गंभीर मामला उजागर हुआ। इसलिए एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में सीईओ को नियुक्त करने की सिफारिश की है, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता आए और जवाबदेही भी तय की जा सके। घर-परिवार व किसी कंपनी की तरह ट्रस्ट का संचालन न हो।

कई अधिकारियों के नाम भी चर्चा में...

अब तक ये चर्चा रही है कि किसी सेवानिवृत्त अधिकारी को सीईओ नियुक्त किया जा सकता है। इसमें कई अधिकारियों के नाम भी चर्चा में हैं। लेकिन पुख्ता सूत्र बताते हैं कि राम मंदिर में जो सीईओ नियुक्त होगा, वह सेवारत अधिकारी ही रहेगा। कौन होगा और कब इस नियुक्ति की जाएगी, इसको लेकर मंथन चल रहा है। एसआईटी की विस्तृत जांच पूरी होने के बाद इस प्रक्रिया की शुरुआत होने की संभावना है।

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