फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: मिश्रा-पांडेय ने पूछताछ में उगले कई राज, बताया हेराफेरी का तरीका; आज बड़ी बरामदगी संभव

Thu, 09 Jul 2026 03:33 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ/अयोध्या

सार

पूछताछ में तीनों आरोपियों अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय ने कई और राज उगले हैं। बृहस्पतिवार को रकम, जेवर की बरामदगी हो सकती है।
विज्ञापन
रामं मंदिर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में रिमांड पर लिए गए तीनों आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि चोरी के रुपये वह अपने करीबियों और रिश्तेदारों को भेजते थे और फिर उनसे अपने खातों में रकम ट्रांसफर करवाते थे, ताकि रकम का स्रोत छिपा रहे और शक न हो। बैंक डिटेल से इसकी पुष्टि भी हुई है। पूछताछ में तीनों आरोपियों अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय ने कई और राज उगले हैं। बृहस्पतिवार को रकम, जेवर की बरामदगी हो सकती है।

विज्ञापन


कोर्ट की अनुमति के बाद पुलिस ने बुधवार सुबह करीब सात बजे जिला जेल से आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लिया। आरोपियों ने चोरी स्वीकारते हुए बताया कि टिन्नू व गणना इंचार्ज सुभाष श्रीवास्तव की मिलीभगत होने से रकम पार करने में दिक्कत नहीं होती थी। आरोपियों ने बताया है कि नकदी व जेवर छिपाकर रखे हैं। 

पुलिस तीनों आरोपियों को 14 कोसी परिक्रमा मार्ग स्थित उसी बाग में लेकर गई जहां चोरी की रकम का बंटवारा किया जाता था। इस स्थान का खुलासा पहले रिमांड पर रहे आरोपी अविनाश शुक्ला ने किया था। तीनों आरोपियों से मौके पर ले जाकर इसका सत्यापन कराया गया। पुलिस ने आरोपियों के बयानों का मिलान भी किया। 
विज्ञापन


फर्जी रसीदें छपवाई थीं
आरोपियों ने एक दान राशि संबंधी पर्ची बरामद कराई है। आरोपियों ने बताया कि जब दान लेकर पर्ची दी जाती थी, तो उन्होंने फर्जी रसीदें छपवाई थीं। लोगों से चंदे के नाम पर रकम लेकर फर्जी रसीदें पकड़ा देते थे और रकम अपनी जेब में रख लेते थे।

जांच के दायरे में अनुकल्प की कार 
आरोपी अनुकल्प मिश्रा ने पिछले वर्ष एक कार खरीदी थी। अब पुलिस इसकी खरीद में इस्तेमाल धन के स्रोत, भुगतान के तरीके, बैंक खातों से हुए लेनदेन और स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि कार की खरीद में चढ़ावा चोरी की रकम का इस्तेमाल तो नहीं हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें