राम मंदिर के चढ़ावे में हेरफेर कर चोरी करने के मामले में आने वाले समय में और भी परतें खुल सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में पिछले पांच साल के चढ़ावे का ऑडिट करने की सिफारिश की है। अनियमितता रोकने के भी कई सुझाव दिए हैं। इस पर मुख्यमंत्री निर्णय लेंगे। उधर, धर्मसेना के अध्यक्ष संतोष दुबे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर ट्रस्ट को तत्काल भंग करने की मांग की है।
एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक जांच में कई अहम तथ्य शामिल किए हैं। सूत्रों के मुताबिक ट्रस्ट में बदलाव करने और चढ़ावा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के अलावा ऑडिट की सिफारिश की है। जांच में कुछ ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिससे आशंका है कि हेरफेर का खेल कई वर्षों से चल रहा था। हालांकि, इस बारे में स्पष्टता रिपोर्ट सीएम तक पहुंच जाएगी और उसको लेकर आधिकारिक बयान जारी होगा या कार्रवाई शुरू होगी।
कमीशन का आरोप लगाने वाले इंजीनियर से पूछताछ
एसआईटी के तीनों अधिकारी लखनऊ आ चुके हैं, लेकिन एसआईटी के साथ कुछ और अधिकारी भी साथ गए थे। वे सभी अयोध्या में ही हैं और जांच कर तथ्य जुटा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक सोमवार को इंजीनियर दीनानाथ से उन अधिकारियों ने पूछताछ की। ये वही इंजीनियर हैं जिन्होंने अनिल मिश्रा पर 40 फीसदी कमीशन लेने का आरोप लगाया था।
चोरी से लेकर लापरवाही के साक्ष्य
एसआईटी रिपोर्ट में चढ़ावा चोरी को लेकर तमाम साक्ष्य जुटाए गए हैं। गवाहों के बयान भी अहम हैं। सूत्रों के मुताबिक कई पदाधिकारियों की संलिप्तता की भी आशंका जताई गई है। इसके अलावा पूरी व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों की भूमिका विस्तृत रूप से दर्ज की गई है। एसआईटी रिपोर्ट को लेकर सीएम को ब्रीफ करेगी। उसके बाद जो निर्देश मिलेंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू होगी। चोरी में संलिप्त लोगों पर एफआईआर की संस्तुति एसआईटी ने की है।
नियम-कायदे रख दिए ताक पर, होगी मुसीबत
मंदिर प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त थी। जिम्मेदार बेखबर रहे और खेल होता रहा। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने इसका अपनी रिपोर्ट में प्रमुखता से जिक्र किया है। जो गाइडलाइन थी, उसका पालन ही नहीं किया गया। यह लापरवाही ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों के लिए मुसीबत बन सकती है।
40 गणनाकर्मी हटे, नए लगाए गए
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में गणना में लगे करीब 40 कर्मचारियों को आखिरकार हटा दिया गया है। अब बैंक की ओर से नए गणनाकर्मियों को लगाया गया है। निगरानी भी बढ़ा दी गई है। एसआईटी ने मंदिर ट्रस्ट और मंदिर के अधिकारियों को अयोध्या नहीं छोड़ने का निर्देश भी दिया है।