भूमि पूजन के दिन हनुमान जी महाराज का विभिन्न प्रकार के पुष्पों से विशेष शृंगार किया जाएगा। निर्वाणी अनी अखाड़ा के महासचिव गौरीशंकर दास बताते हैं कि इस अवसर पर निर्वाणी अनी अखाड़ा की ओर से राममंदिर की नींव में रखने के लिए पीएम मोदी को अष्टधातु की ईंट भी भेंट की जाएगी।
राममंदिर के भूमि पूजन को लेकर प्रफुल्लित नजर आ रहे रामकोट के पार्षद रमेश दास से मुलाकात होती है। वे कहते हैं कि वर्षों से वे हनुमान जी की सेवा पुजारी के रूप में कर रहे हैं, अब इस सेवा का फल मिलने जा रहा है। हनुमान जी व हम सबके आराध्य रामलला के दिव्य-भव्य मंदिर की आधारशिला पीएम मोदी के हाथों रखी जाएगी इसको लेकर संपूर्ण हिंदू समाज उत्साहित और गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
दीपों से जगमग हुआ दशरथ महल
चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ का महल भूमि पूजन के उल्लास में निमग्न हो चुका है। सांयकाल होते ही पूरा मंदिर परिसर दीपों से जगमगा उठा। मान्यता है कि दशरथ महल में ही रामलला का बालपन बीता था। यहां धनुषधारी भगवान के बाल रूप की ही उपासना की जाती है। मंदिर के महंत बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य कहते हैं कि भूमिपूजन का सुखद क्षण ब्रह्मानंद के समान है। वर्षों की चिर साध पूरी हो रही है, यह हमारे लिए अत्यंत की हर्ष की बेला है। बताया कि सुबह मंदिर में अखंड नाम संकीर्तन का भी आयोजन किया गया। शाम को पूरे मंदिर परिसर में दीप जलाकर उत्सव मनाया जा रहा है।
रामनगरी के सिद्धपीठों में शुमार कनकभवन की भी आभा देखते ही बन रही है। भूमि पूजन की खुशी में कनकभवन दमक रहा है। मान्यता है कि माता कैकेयी ने माता सीता को यह भवन मुंह दिखाई में दिया था। यहां कनकबिहारी सरकार का भव्य गर्भगृह लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र है।
संत एमबीदास पूजन कर लौट रहे थे, बताया कि कनक बिहारी सरकार की पूजा अर्चना उनके नित्य नियम में शामिल है। कहा कि अखिल ब्रह्मांड के नायक राजा रामचंद्र के मंदिर का भूमिपूजन देश के राजा नरेंद्र मोदी करने आ रहे हैं, यह अयोध्या के लिए सौभाग्य का विषय है। इस भूमि पूजन के साथ ही अयोध्या के सौभाग्य का नया सूर्य भी उदित होने जा रहा है।