लखनऊ। लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता रामकिशोर ने न केवल संघर्ष किया, बल्कि समाजवादी और कम्युनिस्ट विचारधारा को विस्तार देने में योगदान दिया। उनका जीवन, संघर्ष व सरोकार के लिए समर्पित था। गांधी भवन के पुस्तकालय में मंगलवार उनकी स्मृति में डॉ. राही मासूम रजा साहित्य अकादमी की ओर से आयोजित श्रद्धांजलि सभा में अतिथियों ने उन्हें याद किया।
डा. रमेश दीक्षित ने कहा कि रामकिशोर के कार्यों संघर्षों और विचारों का दायरा इतना व्यापक है कि हम उन्हें किसी एक वैचारिक व सांगठनिक सांचे में बैठा नहीं सकते। वे भौतिकवादी थे लेकिन उनके जीवन का एक आध्यात्मिक पक्ष भी था। वंदना मिश्रा ने कहा कि वे राजनीतिक संघर्षों से जुड़े थे लेकिन, उनकी सक्रियता का एक सामाजिक साहित्यिक, सांस्कृतिक दायरा भी था।
संचालन हाफिज किदवई ने किया। श्रद्धांजलि सभा में ओपी सिंहा, केके शुक्ला, आनंद मोहन, मधु श्रीवास्तव व अन्य शामिल हुए।