प्रदेश की बदहाल व गड्ढे वाली सड़कों की पोल खोलने के लिए राष्ट्रीय लोकदल ‘सेल्फी विद गड्ढा’ अभियान चलाएगा। बृहस्पतिवार को रालोद के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने प्रदेश कार्यालय से इसकी शुरुआत की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बने 15 महीने हो गए हैं लेकिन सड़कों का बुरा हाल है। जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 जून 2017 तक यूपी की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का एलान किया था।
जयंत चौधरी प्रेस वार्ता में कहा कि सोशल मीडिया के जरिये पार्टी अपनी बात लोगों तक पहुंचाएगी। ‘सेल्फी विद गड्ढा’ ऐसा अभियान है जिससे जुड़कर जनता अपनी सड़कों की हालत को एक उचित प्लेटफार्म पर उठा सकती है। उन्होंने इसके लिए ट्विटर अकाउंट और हैशटैग सेल्फी विद गड्ढा भी जारी किया। जयंत चौधरी ने कहा कि देश में 2017 में गड्ढायुक्त सड़कों के कारण 3597 लोगों की मौत हुई इनमें यूपी की सड़कों पर जान गंवाने वाले लोगों की संख्या 987 है। यह भारत में सबसे अधिक है।
उन्होंने रायबरेली में हुई रेल दुर्घटना को दुखद बताते हुए कहा कि रेल सेफ्टी प्राधिकरण बनाने की योजना लंबे समय से फाइलों में कैद है। इसके बनने से रेल दुर्घटनाओं की स्वतंत्र तरीके से जांच हो सकेगी और खामियों को दूर किया जा सकेगा। गुजरात में यूपी और बिहार के लोगों पर हमले पर उन्होंने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि देश में खतरनाक माहौल बन रहा है।
गुजरात में बीजेपी की सरकार है। इसलिए उसकी जिम्मेदारी है कि वह इन हमलों को रोके। बीजेपी के खिलाफ महागठबंधन पर उन्होंने कहा कि कोई एक कदम आगे बढ़ाएगा तो हम दो कदम बढ़ेंगे। बीजेपी को रोकने के लिए पूरे देश की पार्टियां एक मंच पर आ सकती हैं। राज्यों में जो क्षेत्रीय पार्टियां इसमें सक्षम होंगी, उनके साथ गठबंधन होगा।
कांग्रेस और बीएसपी की दूरियों पर उन्होंने कहा कि अभी विधान सभा चुनाव हैं। बीएसपी प्रमुख ने अपनी पार्टी के हितों को ध्यान में रखकर ही कोई फैसला किया होगा। अमित शाह और प्रधानमंत्री मोदी की जोड़ी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि अब दोनों अपनी रैलियों में महागठबंधन की बात करते हैं। जो उनकी चिंता को दर्शाता है।