बहराइच के बाद नरेन्द्र मोदी की चौथी विजय शंखनाद रैली 21 नवंबर को वाराणसी में हो सकती है।
बहराइच में मोदी की 8 नवंबर को तीसरी रैली है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने चौथी रैली के लिए 21 नवंबर की तारीख पर मोदी की स्वीकृति मिलने की पुष्टि कर दी है।
स्थान के बारे में एक-दो दिन में फैसला हो जाएगा। सूत्रों ने चौथी रैली वाराणसी (काशी) में होने की बात कही है।
उधर, समाजवादी पार्टी ने भी आजमगढ़ के बाद बरेली, झांसी व इलाहाबाद में रैलियों की तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस भी पीछे नहीं है।
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पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी बुधवार को बुंदेलखंड के राठ और पूर्वांचल के देवरिया जिले के सलेमपुर में रैली करेंगे। भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी की भी बुधवार को मथुरा में रैली है।
जानकारी के मुताबिक, मोदी ने चौथी रैली के लिए 21 नवंबर की तारीख प्रदेश को दे दी है। वैसे भाजपा के कुछ नेता बरेली में चौथी रैली कराना चाहते हैं।
पर, सपा ने 9 नवंबर को बरेली में रैली घोषित कर दी है। इसलिए रणनीतिकारों का मत है कि सपा की रैली के तुरंत बाद वहां रैली करना ठीक नहीं होगा।
फिर मुजफ्फरनगर दंगा के चलते अभी पश्चिम में कार्यकर्ताओं व समर्थकों को तैयारी के लिए कुछ दिन और मोहलत देना ठीक रहेगा। इसलिए उचित यही है कि पूर्वांचल की तरफ बढ़ा जाए।
पटना और लखनऊ के बीच स्थित वाराणसी रैली के लिए लिहाज से काफी उपयुक्त रहेगा।
भाजपा ने मथुरा में रैली प्रस्तावित की थी लेकिन यहां के कार्यकर्ताओं ने तर्क दिया है कि 30 अक्तूबर को गडकरी की रैली के बाद इतनी जल्दी दूसरी रैली की तैयारी करना मुश्किल होगा।
सपा ने बरेली, झांसी और इलाहाबाद में रैलियां तय कर दी हैं। बरेली के लिए बदायूं से सांसद धर्मेन्द्र यादव तथा पूर्व सांसद एवं जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव को संयोजक नियुक्त किया गया है।
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झांसी में 23 नवंबर को रैली होगी। रैली के लिए पूर्व सांसद चन्द्रपाल सिंह यादव की अध्यक्षता में एक संयोजक समिति गठित की गई है।
इलाहाबाद में 30 नवंबर को रैली होगी। सांसद कुंवर रेवती रमण सिंह को रैली का संयोजक नियुक्त किया गया है। पार्टी प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने सभी रैलियों में भारी भीड़ जुटने का दावा किया है।
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