सपा ने पहले ही इन दो चेहरों को बनाया है उम्मीदवार
समाजवादी पार्टी अब तक अपने दो उम्मीदवारों पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी धनराज परिमल नाथवानी को मैदान में उतार चुकी है, जिन्होंने लखनऊ में अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। अब तीसरे उम्मीदवार के नाम को लेकर सस्पेंस मंगलवार को नामांकन के दौरान ही खत्म होगा।
मंगलवार को नामांकन
सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने बताया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पहले ही कहा था कि जरूरी संख्या बल मिलने पर पार्टी तीसरा उम्मीदवार उतारेगी। हमारा तीसरा उम्मीदवार मंगलवार को नामांकन दाखिल करेगा। हमें पूरी उम्मीद है कि हम बीजेपी को करारी शिकस्त देंगे। हालांकि, पार्टी ने अभी तीसरे उम्मीदवार के नाम का खुलासा नहीं किया है। अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, पूर्व राज्य मंत्री अरविंद सिंह गोपी या पार्टी नेता राजपाल यादव/राजपाल कश्यप संभावित चेहरे हो सकते हैं, जिसपर अंतिम मुहर अखिलेश यादव लगाएंगे।
बीजेपी ने बदले अपने सभी आठ मौजूदा सांसद
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने भी उत्तर प्रदेश से अपने सभी आठ मौजूदा राज्यसभा सांसदों का पत्ता साफ करते हुए पुराने और जमीनी चेहरों पर दांव खेला है। बीजेपी उम्मीदवारों में तीन ओबीसी, दो दलित, दो ब्राह्मण और एक ठाकुर चेहरा शामिल है। बीजेपी ने नौ सेट नामांकन पत्र खरीदे हैं, जिससे मुकाबला दिलचस्प होने के पूरे आसार हैं।
गणित और क्रॉस-वोटिंग के आसार
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मौजूदा समीकरणों के अनुसार, 403 सदस्यीय सदन में बीजेपी और उसके सहयोगियों (एनडीए) के पास कुल 288 विधायक हैं, जबकि सपा-कांग्रेस गठबंधन के पास 103 विधायक हैं। चूंकि राज्यसभा चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व और एकल संक्रमणीय मत पद्धति के जरिए होता है, ऐसे में यदि 10 सीटों के मुकाबले 11 उम्मीदवार मैदान में उतरे, तो मुकाबला दिलचस्प होगा और दोनों ही दल क्रॉस-वोटिंग की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं।