केंद्र सरकार में मंत्री हरदीप पुरी और बीएल वर्मा को इस बार दोबारा मौका नहीं दिया गया है। ऐसे संवैधानिक व्यवस्था के मुताबिक अब इन दोनों मंत्रियों की केंद्रीय मंत्रिमंडल से छुट्टी होने की अटकले हैं।
भाजपा की सूची को केवल राज्यसभा की आठ सीटों के लिए उम्मीदवार चयन के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में पार्टी ने उच्च सदन के लिए चेहरों का चयन करते हुए अलग-अलग सामाजिक समूहों को साधने का संकेत दिया है। ब्राह्मण, राजपूत, ओबीसी, दलित और महिला प्रतिनिधित्व का संतुलन बनाकर भाजपा ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि चुनावी रणनीति में संगठन और सामाजिक समीकरण दोनों बराबर महत्वपूर्ण हैं।
प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होगा। नामांकन की अंतिम तिथि मंगलवार है। मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर में पूरा हो रहा है। भाजपा ने आठ उम्मीदवारों की घोषणा कर चुनावी मैदान को औपचारिक रूप से सजा दिया है। अब निगाहें नामांकन के बाद बनने वाले अंतिम समीकरण और सपा की अगली रणनीति पर हैं। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले होने वाला यह चुनाव दोनों दलों के लिए अपने विधायकों के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक आधार को परखने का भी मौका होगा।