सरकारी फाइलों को निपटाने से इतर समय निकालकर साहित्य सृजन बेहद सराहनीय कार्य है। राज्यकर्मियों की यह रचनात्मकता देखकर आश्चर्य होता है कि वे एक खूबसूरत साहित्य की रचना भी कर सकते हैं। यह कहना है राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान के अध्यक्ष व पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन का। वे संस्थान की ओर से भातखंडे संगीत विश्वविद्यालय के कलामंडपम सभागार में आयोजित 2021-22 के साहित्य सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने राज्य कर्मियों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि सभी ने बहुत अच्छी और प्रेरक रचनाएं की हैं। मुख्य अतिथि व वरिष्ठ साहित्यकार पद्मश्री डॉ. विद्या बिंदु सिंह ने कहा कि सभी रचनाएं श्रेष्ठ हैं। यह रचनाएं सिद्ध करती हैं कि देश का हर बच्चा मोहन है और महात्मा बनने की क्षमता रखता है। विशिष्ट अतिथि व लविवि के प्रोफेसर डॉ वाई पी सिंह ने रचनाकारों का उत्साहवर्धन किया।
संस्थान की प्रचार मंत्री सीमा गुप्ता ने बताया कि 24 श्रेणियों में वर्ष 2021-22 के साहित्यिक पुरस्कार दिए गए हैं। इन सभी को एक-एक लाख रुपये नकद, स्मृति चिह्न व शॉल भेंट किया गया। इसके अतिरिक्त डॉ विजयानंद को ओम प्रकाश चतुर्वेदी पराग गीत पुरस्कार (21 हजार नकद) व डॉ मृदुला पंडित को रमन लाल अग्रवाल रम्मन पुरस्कार (11 हजार नकद) से नवाजा गया। 19 साहित्यिकारों को साहित्य गौरव सम्मान व डॉ हरी प्रकाश अग्रवाल हरि को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। सभी को 5100 की पुरस्कार राशि, स्मृति चिह्न व शॉल भेंट किया गया। उन्होंने बताया कि समारोह में कुल 46 साहित्यकारों को विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। समारोह में संस्थान की त्रैमासिक पत्रिका अपरिहार्य के जनवरी-मार्च अंक, रामलखन यादव पवन की पुस्तक आध्यात्मिक बिंदु, सुखदेव पांडे की पुस्तक भगवान बुद्ध और उनका विचार लोक और डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह की पुस्तक मोहन से महात्मा तक का विमोचन किया गया।
विद्या बिंदु के आग्रह पर डॉ दिनेश चंद्र अवस्थी ने लिया सम्मान
पद्मश्री डॉ विद्या बिंदु सिंह ने अपने उद्बोधन में बताया कि संस्थान के महामंत्री डॉ. दिनेश चंद्र अवस्थी हमेशा पर्दे से पीछे रहकर काम करने में विश्वास करते हैं। इन्हें 2018 में शिव सिंह सरोज पुरस्कार के लिए नामित किया गया, लेकिन वे हमेशा पुरस्कार लेने से बचते रहे हैं। उनके आग्रह पर डॉ. दिनेश चंद्र अवस्थी को संस्थान के अध्यक्ष आलोक रंजन ने सम्मानित किया।
इन्हें मिला साहित्य गौरव सम्मान
मनोरमा लाल, दिनेश उन्नावी, गौरी शंकर वैश्य विनम्र, डॉ हरी प्रकाश श्रीवास्तव अवधी हरि, रजनीश कुमार गुप्ता, राम प्रकाश शुक्ल प्रकाश, प्रतिभा त्रिपाठी, विनोदनी रस्तोगी, प्रदीप कुमार वर्मा, सचिवालय दर्पण के संपादक डॉ. अखिलेश कुमार श्रीवास्तव, डॉ. जहांआरा, प्रियांशु वात्सल्य, रेनू द्विवेदी, दीप्ति दीप, आलोक राजा, श्रीकृष्ण द्विवेदी द्विजेश, रेनू वर्मा रेणु, रवि प्रकाश मिश्र सूर्य व राजीव आचार्य।