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भारत के इतिहास को बदलना चाहते हैं देश के गृहमंत्री!

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एनडीए के शासन काल में हमेशा ही इस बात का आरोप भाजपा पर लगता है कि वह देश का इतिहास बदलना चाही है। कई राज्यों के मुख्यमंत्री ये बात कहते आए हैं। अब देश के गृहमंत्री ने इससे जुडा बयान दिया है।
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केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सुहेलदेव जैसे तमाम महापुरुषों ने भारत की संस्कृति व सभ्यता की रक्षा के लिए युद्ध लड़े। पर, इतिहास की पुस्तकों में इनका नाम सम्मान के साथ अंकित नहीं हो पाया।

दुर्भाग्य से हमारे देश के इतिहास की दिशा व दशा पश्चिम के इतिहासकारों ने तय की। देश के इतिहास को ठीक करने की जरूरत है। इसके लिए भारतीय इतिहासकारों को आगे आने चाहिए।  
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राजनाथ सिंह ने याद दिलाया कि उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में सुहेलदेव के योगदान को मान्यता देने की कोशिश की थी। इसीलिए उनकी एक प्रतिमा भी

राजधानी में स्थापित कराई थी। उन्होंने कहा कि वे सुहेलदेव जैसे महापुरुषों को पाठ्यक्रम व इतिहास में शामिल करने से सहमत हैं। कहा कि देश में बहुत सी

ऐसी रियासतें रही हैं जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए बहुत बलिदान दिए। महाराजा सुहेलदेव ने राष्ट्रनायकों जैसा काम किया। इसे कोई नकार नहीं सकता।
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जननायकों की कोई जाति नहीं होती

गृहमंत्री ने कहा कि युद्ध आवश्यक नहीं होता है। पर, जब सभ्यता, संस्कृति व पहचान पर संकट आ जाए तो युद्ध के अलावा कोई रास्ता भी नहीं होता। सुहेलदेव ने यही किया। विदेशी आक्रमणकारियों ने हमारी संस्कृति को नष्ट करने का प्रयास किया। इसीलिए राजा सुहेलदेव को उन आक्रमणकारियों का विरोध करना पड़ा।

राजनाथ सिंह ने कहा कि जननायकों की कोई जाति नहीं होती। वह सभी के होते हैं। सुहेलदेव सिर्फ बहराइच या श्रावस्ती अथवा किसी जाति विशेष के नहीं है। वह पूरे देश के और सभी के नायक हैं।

सुहेलदेव जैसे अन्य नायकों के बारे में भी लोगों के सामने जानकारी लाना जरूरी है।  समारोह में विहिप की तरफ से ऐलान किया गया कि अगले साल पूरे प्रदेश में राजा सुहेलदेव हिंदू विजयोत्सव मनाया जाएगा।

यहां विहिप के राष्ट्रीय संयुक्त सह संगठन मंत्री विनायक राव देशपांडे ने राजा सुहेलदेव को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग की। इसके साथ ही विहिप की ओर से मांग की गई कि राजा सुहेलदेव का स्मारक बनाया जाए और श्रावस्ती व बहराइच में उनकी प्रतिमा स्थापित कराई जाए। साथ ही लखनऊ के सैनिक स्कूल का नाम महाराजा सुहेलदेव के नाम पर किया जाए।

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