फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लालजी टंडन के मुख से धन्यवाद सुनने को तरस गया : राजनाथ सिंह

Tue, 25 Sep 2018 12:45 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत करते नेतागण
विज्ञापन

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, अगर मैं लखनऊ से चुनाव न लड़ता तो आज लालजी टंडन राज्यपाल न होते। उनके राज्यपाल बनने का पूरा श्रेय मुझे ही जाता है लेकिन, मैं उनसे ‘धन्यवाद’ सुनने को तरस गया। राजनाथ सोमवार को अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन के अभिनंदन समारोह में बोल रहे थे। 

विज्ञापन


राजनाथ ने कहा कि 1977 से वे लालजी टंडन के संपर्क में हैं। भाजपा कार्यालय पर कार्यकर्ताओं को सबसे लंबे समय तक उनका ही मार्गदर्शन मिला। कोई कितने ही तनाव में क्यों न हो, लेकिन टंडन से मिलने के बाद तनाव काफूर हो जाता था।  

राजनाथ ने मेरे पर कतर दिए, अब नहीं लड़ सकूंगा चुनाव : टंडन

बिहार के नवनियुक्त राज्यपाल लालजी टंडन ने कहा कि राजनाथ सिंह ने उनके पर कतर दिए। अब वे चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। तकनीकी रूप से उन्हें राज्यपाल बनाने का श्रेय राजनाथ को जाता है, पर इसमें प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति का आशीर्वाद मुख्य रूप से शामिल है। 

उन्होंने कहा, ‘गृहमंत्री घबरा तो नहीं रहे हैं कि कहीं मैं फिर चुनाव लड़ने न आ जाऊं। आज समारोह में लखनऊ के हर वर्ग और तबके लोग शामिल हैं। अटल जी से मिली इतनी बड़ी विरासत राजनाथ सिंह को सौंपकर जा रहा हूं।’ टंडन ने लखनवी तहजीब का जिक्र करते हुए कहा कि वे गालिब की तरह ही आधे हिंदू और आधे मुसलमान हैं। शहर काजी से उनका पीढ़ियों का संबंध है। लखनऊ से उनका रिश्ता कभी नहीं टूटेगा।

रिकॉर्ड देखकर हो लक्ष्मण टीला का फैसला

अपनी किताब का हवाला देते हुए टंडन ने लोगों से पूछा कि लखनऊ में लक्ष्मण टीला नाम की कोई चीज थी या नहीं। अगर है तो उसे ढूंढने की जिम्मेदारी आप लोगों को सौंपता हूं। समारोह में मौजूद मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली से मुखातिब होते हुए कहा कि इस मामले में सरकारी रिकॉर्ड भी देख लिए जाएं, उसके आधार पर फैसला हो। टंडन ने सीएम योगी के कार्यों की भी प्रशंसा की।
 

लखनऊ की जिम्मेदारी भी मेरे ऊपर डाल दी : योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अभिनंदन समारोह के स्वागत अध्यक्ष डॉ. अम्मार रिजवी ने लखनऊ के गली-मोहल्ले की जिम्मेदारी भी उनके ऊपर डाल दी। यह जिम्मेदारी तो यहां के मेयर की है। उन्होंने लालजी टंडन की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे लखनऊ के चलते-फिरते इनसाइक्लोपीडिया हैं। वे बिहार में लखनऊ का गौरव बढ़ाएंगे। राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि राज्यपाल बनाने की असली चाबी गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पास ही है। टंडन बिहार में ऐसा काम करके दिखाएंगे कि लोग उन्हें याद रखेंगे। उन्होंने टंडन को पुस्तक ‘गाइड फॉर गवर्नर्स’ भी भेंट की।

लखनऊ की विरासत हैं टंडन : डॉ. दिनेश शर्मा

उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि लालजी टंडन लखनऊ की विरासत हैं। प्रतिद्वंद्वी भी उनके पैर छूने से खुद को नहीं रोक पाते। विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने कहा कि कार्यकर्ता का अवसाद चुटकियों में दूर कर देने की कला टंडन को आती है। पूर्व मंत्री डॉ. अम्मार रिजवी ने लखनऊ से लंदन, नजफ और मदीना के लिए सीधी उड़ान सेवा और पुराने लखनऊ की दशा सुधारने की मांग प्रदेश सरकार से की। पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने टंडन के स्वागत में अभिनंदन पत्र पढ़ा।   
विज्ञापन

उच्चस्तर पर लिया गया था 6-6 महीने सरकार चलाने का फैसला : डॉ. महेंद्र पांडेय

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने बसपा सुप्रीमो मायावती का नाम बिना लिए कहा कि छह-छह महीने की सरकार बनाने का फैसला कांशीराम, अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी ने लिया था। वे कार्यक्रम के स्वागत अध्यक्ष डॉ. अम्मार रिजवी के उस बयान का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि लालजी टंडन के यहां एक गीत सदैव बजता था, ‘भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना।’ 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें