लखनऊ: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने समाजवादी पार्टी की पीडीए राजनीति पर तीखा प्रहार करते हुए 1995 के चर्चित स्टेट गेस्ट हाउस कांड की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक के अधिकारों की बात करने वालों को अपने राजनीतिक अतीत का भी आत्ममंथन करना चाहिए।
चाय पर चर्चा के दौरान डॉ. सिंह ने कहा कि उस समय एक दलित महिला मुख्यमंत्री की सुरक्षा और सम्मान को खतरे में डाला गया था। सामाजिक न्याय केवल चुनावी नारा नहीं, बल्कि आचरण का विषय है। जनता को दलों के इतिहास और उनके पिछले शासनकाल के आधार पर फैसला लेना चाहिए।
प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि योगी सरकार में यूपी माफियाराज और अपराध के खौफ से बाहर निकला है। मार्च 2017 से मई 2026 तक के अभियानों में हजारों अपराधियों पर सख्त कार्रवाई हुई है। जनता को माफियाराज की वापसी चाहने वालों से सतर्क रहने की जरूरत है।
डॉ. सिंह ने विकास पर चर्चा करते हुए बताया कि लखनऊ नगर निगम का बजट ₹900 करोड़ से बढ़कर ₹5,000 करोड़ हो चुका है, जिसे ₹10,000 करोड़ तक ले जाने का लक्ष्य है। अकेले सरोजनीनगर में 2,000 से अधिक सड़कें बनी हैं और औद्योगिक निवेश से युवाओं के लिए नए अवसर खुल रहे हैं।