समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी ने
कहा कि लोकतंत्र में जनादेश का सम्मान सभी को करना होता है लेकिन चार
राज्यों के नतीजे चिंता और चिंतन का विषय हैं।
सांप्रदायिक ताकतों के उभार को देखते हुए लोकसभा चुनावों में तीसरे विकल्प की आवश्यकता है।
चौधरी ने कहा, जिन राज्यों में भाजपा को बढ़त मिली है, उनके पीछे कांग्रेस की कुनीतियां हैं। कांग्रेस ने केंद्र में अपने दो कार्यकालों में महंगाई और भ्रष्टाचार के रिकॉर्ड बनाए।
घोटालों ने देश की जनता को बहुत क्षुब्ध किया है। जिस तरह कांग्रेस ने जनविरोधी नीतियां थोपीं, उसकी प्रतिक्रिया में जनता ने कांग्रेस को नकारा है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी का उदय कांग्रेस और भाजपा के प्रति जनविरोध का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि देश में अब तीसरे विकल्प की और ज्यादा जरूरत है। मुलायम सिंह यादव इस दिशा में प्रयासरत हैं। उन्हीं के कारण यूपी में सांप्रदायिक ताकत (भाजपा) नहीं पनप सकी है।
आगामी लोकसभा चुनावों में जनता भाजपा-कांग्रेस को भाव न देकर एक नए राजनीतिक विकल्प को सत्ता में बिठाने का काम करेगी।
सपा ने धर्मनिरपेक्षता की बढ़ावा देने के लिए केंद्र की कांग्रेस सरकार से लगातार कहा लेकिन सत्तामद में चूर कांग्रेस ने सलाह नहीं मानी। जनता ने कांग्रेस के खाद्य सुरक्षा बिल को चुनावी स्टंट माना।