समाजवादी पार्टी ने इकाना स्टेडियम का नाम अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर करने को गलत परंपरा करार दिया है। कहा कि वाजपेयी के नाम पर स्टेडियम का नामकरण करके भाजपा सरकार ने साबित कर दिया कि दूसरे के कामों पर अपना नाम चस्पा कर देना कोई इनसे सीखे। कहा कि इतिहास में इस तरह का कोई दूसरा उदाहरण नहीं मिलेगा।
पार्टी के राष्ट्रीय सचिव राजेन्द्र चौधरी ने मंगलवार को यहां कहा कि सभी को पता है कि स्टेडियम का निर्माण अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्वकाल में हुआ था। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी बाजपेयी सभी के लिए श्रद्धेय हैं। सभी उनका सम्मान करते हैं।
उनके प्रति श्रद्धा प्रदर्शित करनी चाहिए। पर इसके लिए भाजपा को समाजवादी सरकार का अनुसरण करते हुए जनेश्वर मिश्र पार्क व जे.पी. सेंटर जैसा भव्य निर्माण कराना था। इस नामकरण से तो भाजपा की हेठी हुई है। भाजपा ने तो काम और नाम के अंतर को मिटाने का हास्यास्पद और असम्मानजनक काम किया है।
लोकतंत्र में यह स्वस्थ परंपरा नहीं है। समाजवादी सरकार के कामों पर अपना नाम लगाकर ही भाजपा सरकार समझ रही है कि उसके झूठे दावे चल जाएंगे और जनता बहकावे में आ जाएगी। पर, ऐसा नहीं होने वाला। अखिलेश यादव ने बार-बार कहा है कि भाजपाई समाजवादी सरकार के विकासकार्यों के उद्घाटन और शिलान्यास में ही अपना समय बिता रहे हैं।
चौधरी ने कहा कि ईमानदारी की बात तो यह है कि भाजपा को अखिलेश यादव का एहसानमंद होना चाहिए जो उनके कामों से वह अपनी सरकार का नाम व काम चला रही है।