लखनऊ। पहाड़ी लोकसंस्कृति का जश्न मनाने के लिए पं गोविंद बल्लभ पंत सांस्कृतिक उपवन में शनिवार को 10 दिवसीय उत्तराखंड महोत्सव का आगाज हुआ। उत्तराखंड महापरिषद के इस आयोजन का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस अवसर पर छोलिया जैसे परंपरागत नृत्य ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
आयोजन के दौरान मैती आंदोलन के प्रणेता पद्मश्री डॉ. कल्याण सिंह रावत को पर्यावरण संरक्षण में काम करने के लिए मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड गौरव सम्मान से नवाजा। अवसर पर 500 महिला कलाकारों ने परंपरागत वेशभूषा में झोड़ा नृत्य प्रस्तुति कर सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम में उत्तराखंड दर्पण स्मारिका का विमोचन किया गया।
डॉ. श्रेया संगीत संस्थान के कलाकारों ने श्रीराम स्तुति, कजरी, बीहू नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। उत्तर प्रदेश के संस्कृति विभाग की ओर से थारू कला जनजाति सांस्कृतिक समिति, खटीमा के कलाकारों ने कार्यक्रम पेश किया।
डांस उत्तराखंड डांस प्रतियोगिता
महोत्सव में डांस उत्तराखंड डांस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें आर्ट्स एवं कल्चर सोसायटी की ओर से टीमों रामलीला समिति तेलीबाग, वीणा वरदायनी डांस एंड म्यूजिकल अकादमी सांस्कृतिक दल गोमती नगर, नया सवेरा निलमथा ने प्रस्तुतियां दी। उत्तराखंड के अशोक सिंह खड़का के नेतृत्व में लोकनृत्य नन्दा राजजात यात्रा, बग्वाल, हुड़की बौल ने धमाल मचाया। विशिष्ट अतिथि सुषमा खर्कवाल, पूर्व सांसद प्रो. रीता बहुगुणा जोशी, उत्तराखंड महापरिषद के अध्यक्ष हरीश चंद्र पंत, महासचिव भरत सिंह बिष्ट आदि मौजूद रहे।
दर्शकों को लुभा रहे स्टॉल
पश्चिम बंगाल से खूबसूरत वस्त्रों का स्टॉल लगाए दीपक कुमार ने बताया कि यहां सलवार कमीज के साथ पारंपरिक साड़ियां भी हैं। उत्तराखंड की कमला विष्ट की आभूषणों की दुकान महिलाओं का ध्यान आकर्षित कर रही है। गुजरात के गहनों की चमक नेहा पटेल की दुकान पर दिख रही है। कन्नौज के इत्र का स्टॉल लगाए वाहिद खान बताते हैं कि उनके यहां 40 से 200 रुपये में इत्र ले सकते हैं। यहां आप राजस्थानी तंदूरी चाय की चुस्की के साथ राजस्थान की थाली का स्वाद भी दे सकते हैं। 29 नंबर स्टॉल पर सिंगौड़ी की मिठाई मिल रही है। कश्मीरी पशमीना शॉल भी यहां आपको मिल जाएगी।
उत्तराखंड ने 24 वर्षों में रचा विकास का नया अध्याय : सीएम
उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तराखंड राज्य ने स्थापना के 24 वर्ष पूरे कर लिए हैं और रजत जयंती वर्ष में प्रवेश किया है। इतने वर्षों में उत्तराखंड ने विकास की दिशा में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखते हुए नए प्रतिमान स्थापित किए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, उत्तराखंड के पवित्र धाम बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और जागेश्वर धाम पर्यटन का भी आकर्षण बन चुके हैं। विदेश से भी लोग यहां खिंचे चले आ रहे हैं। योगी ने कहा, उत्तराखंड महापरिषद की स्थापना यूपी के पहले मुख्यमंत्री स्वर्गीय गोविंद बल्लभ पंत ने की थी। यह राज्य की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को संजोने का काम कर रही है।
सीएम ने कहा, उत्तराखंड के लोगों का जीवन बेहद कठिन होने के बावजूद स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा और नारायण दत्त तिवारी जैसी विभूतियों ने यूपी बल्कि उत्तराखंड को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। बहुगुणाजी ने विकास के लिए संघर्ष किया तो तिवारी जी ने औद्योगिकीकरण को बढ़ावा देकर आर्थिक विकास को गति दी।