सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि वे सत्ता के लालची नहीं हैं। पिछड़ों के हितों के लिए आखिरी दम तक संघर्ष करते रहेंगे। राजभर ने कहा, भाजपा मेरे खिलाफ कार्रवाई करना चाहती है तो करे। मैंने इसके लिए उन्हें रोका थोड़े ही है।
ओमप्रकाश राजभर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र पांडेय के उस बयान पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें उन्होंने राजभर को समझ जाने की नसीहत दी थी। पांडेय ने कहा था कि राजभर का रोज-रोज सरकार के खिलाफ बयान देना ठीक नहीं है, अन्यथा भाजपा उनके खिलाफ कदम उठाने को विवश होगी।
अमर उजाला से बातचीत में राजभर ने कहा कि अपनी पार्टी के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, भाजपा के महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र पांडेय से मिलकर जमीन देने की मांग की थी। जिन पार्टियों के एक भी विधायक नहीं हैं, उनके तक लखनऊ में कार्यालय हैं। लेकिन, हमारी इस मांग पर किसी ने विचार नहीं किया।
राजभर ने कहा कि 24 लाख सामान्य, अनुसूचित जाति व जनजाति और अल्पसंख्यक छात्रों को 3000 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दे रहे हैं, पर पिछड़े वर्ग के 24 लाख छात्रों को मात्र 1085 करोड़ रुपये का बजट ही दिया है।
यह मुद्दा अमित शाह और सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने तक रख चुके हैं। और किस फोरम पर रखें। उन्होंने कहा, जो लोग मेरे मीडिया के सामने बोलने पर एतराज कर रहे हैं, उन्हें समझना चाहिए कि इस सुप्रीम कोर्ट के जजों तक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके अपना दर्द सामने रखा है।
राजभर ने कहा कि वे सत्ता के लोभी नहीं हैं। पिछड़ों के हित में आवाज उठाने के लिए वह हर सजा भुगतने को तैयार हैं। जो पिछड़ा विभाग भाजपा सरकार ने उन्हें दिया है, उसी के बारे बात कर रहे हैं।