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Lucknow : ओम प्रकाश राजभर का बीजेपी के साथ जाना हुआ पक्का, 18 को लगेगी मोहर, एक सर्वे के बाद करीब आए दोनों दल

Wed, 12 Jul 2023 06:36 AM IST
दुष्यंत शर्मा सुधीर कुमार सिंह, लखनऊ

सार

भाजपा के साथ सुभासपा के गठबंधन की बात लगभग तय हो चुकी है। 18 जुलाई को दिल्ली में भाजपा की एनडीए के घटक दलों की बैठक में सुभासपा के साथ गठबंधन की तस्वीर साफ हो जाएगी।
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उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) अध्यक्ष ओमप्रकाश की 'सियासी खिचड़ी' पक चुकी है। भाजपा के साथ सुभासपा के गठबंधन की बात लगभग तय हो चुकी है। 18 जुलाई को दिल्ली में भाजपा की एनडीए के घटक दलों की बैठक में सुभासपा के साथ गठबंधन की तस्वीर साफ हो जाएगी। इस दिन भाजपा का शीर्ष नेतृत्व एनडीए के घटक दलों से अलग-अलग बात करेगा। इस बैठक में राजभर को भी दिल्ली बुलाया गया है। राजभर और उनके बेटे अरविंद राजभर इस बैठक में शामिल होंगे।

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सुभासपा से जुड़े एक उच्च पदस्थ सूत्र का कहना है कि गठबंधन को लेकर सभी मुद्दों पर बातचीत हो चुकी है। 18 जुलाई को दिल्ली में होने वाली बैठक में ओमप्रकाश राजभर अपने बेटे अरविंद राजभर या अरुण राजभर में से किसी एक साथ शामिल हो सकते हैं। दोनों नेताओं की वहां पर भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह से बातचीत होगी। इस बैठक में ही गठबंधन के स्वरूप पर अंतिम चर्चा होगी। इसके बाद पूर्वांचल में एक बड़ी रैली कर गठबंधन की औपचारिक घोषणा की जाएगी।

दरअसल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में प्रदेश की सभी 80 सीटों को जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही भाजपा की नजर पिछड़ी जाति के वोट बैंक पर है। वहीं, सपा से रिश्ता टूटने के बाद से ही ओमप्रकाश फिर से भाजपा के साथ जुड़ने की कोशिश में हैं। इसे देखते हुए सुभासपा का भाजपा के साथ गठबंधन की अटकलें काफी दिनों से लगाई जा रही हैं।
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गाजीपुर सीट और सिंबल को लेकर फंसा है पेंच

सूत्रों की माने तो राजभर और भाजपा के नेतृत्व के बीच सिंबल और गाजीपुर सीट को लेकर पेंच फंसा है। राजभर की दो प्रमुख मांग है। पहला, गाजीपुर सीट सुभासपा के कोटे में दी जाए। दूसरा, अपने ही सिंबल पर ही प्रत्याशी उतारेंगे। चर्चा है कि ओमप्रकाश गाजीपुर सीट से अपने बेटे अरुण राजभर को लड़ाना चाहते हैं। लेकिन, भाजपा इस सीट को देने में हिचक रही है। सूत्रों का कहना है कि गाजीपुर के अलावा मऊ की घोसी सीट पर भी सुभासपा ने दावा कर रखा हैं। इन मुद्दों पर 18 की बैठक में फैसला होना है ।

भाजपा करा चुकी है राजभर के प्रभाव का सर्वे

दरअसल भाजपा हाईकमान द्वारा कराए गए सर्वे में पूर्वांचल 7-8 सीटों पर राजभर जाति के प्रभाव होने की बात कही गई थी, लेकिन ओपी राजभर ने 32 सीटों पर राजभर मतदाताओं की अच्छी संख्या होने का दावा करते हुए अपने लिए सीटें तय करने की मांग रखी। सूत्र बताते हैं कि राजभर के दावे की सच्चाई जानने के लिए भाजपा ने अपने संगठन के माध्यम से दोबारा फीडबैक लिया। पाया चला कि 17-18 सीटों पर राजभर का ठीकठाक प्रभाव है। इसमें गाजीपुर, घोसी और बलिया में सबसे ज्यादा प्रभाव वाले हैं। शायद इसीलिए सुभासपा इन सीटों को लेकर अधिक दबाव बनाए हुए है।

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