एमपीएमएलए कोर्ट में अर्जी देकर सांसद रीता बहुगुणा जोशी, प्रदीप जैन आदित्य, राजबब्बर, निर्मल खत्री आदि ने धरना-प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ व पुलिस पर हमला करने के मामले में उन्हें आरोपों से मुक्त करने की मांग की।
विशेष न्यायाधीश पवन कुमार राय ने इस मामले की सुनवाई के लिए 22 जनवरी की तारीख तय की है। इससे पहले राजबब्बर, निर्मल खत्री समेत अन्य आरोपियों ने कोर्ट में पेश होकर कहा है कि वे निर्दोष हैं और उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है। लिहाजा उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया जाए।
गौरतलब है कि वर्ष 2005 में 17 अगस्त को दरोगा प्यारेलाल प्रजापति ने हजरतगंज थाना में एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा गया है कि कांग्रेसी लक्ष्मण मेला स्थल पर धरना-प्रदर्शन के बाद विधानसभा का घेराव करने निकले। इस दौरान संकल्प वाटिका के पास उन्हें रोकने व समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने हमला कर दिया।
इसमें कई पुलिसकर्मी और राहगीर घायल हो गए थे। पुलिस ने विवेचना के बाद रीता बहुगुणा जोशी, राज बब्बर, निर्मल खत्री, प्रदीप जैन आदित्य, शैलेंद्र तिवारी समेत अन्य को आरोपी बनाकर कोर्ट में चार्जशीट दायर किया था।