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मौसम: बारिश व ओलों की मार से गेहूं, आलू, सरसों की हजारों हेक्टेयर फसल चौपट, नौ की मौत

Fri, 06 Mar 2020 10:16 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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बर्बादी का जायजा लेता किसान। - फोटो : amar ujala
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बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से उत्तर प्रदेश में गेहूं, मटर, आलू और तिलहन की हजारों हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो गई हैं। टमाटर समेत अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। इस बीच, शुक्रवार को अवध में तीन समेत प्रदेश में बिजली व दीवार गिरने से 9 लोगों की मौत हो गई।

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अवध में शुक्रवार को भी बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। बहराइच, सीतापुर, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर में ओले भी पड़े। सुल्तानपुर में तेज बारिश में फंसने और दीवार गिरने से दो युवकों की मौत हो गई। वहीं, लखनऊ के माल इलाके में बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।

हरदोई में दीवार गिरने से दंपती की जान चली गई तो शाहजहांपुर में बिजली गिरने से किशोर समेत दो की मौत हो गई। इटावा व मथुरा में भी एक-एक मौत की सूचना है। संभल में बृहस्पतिवार रात बिजली गिरने से एक महिला झुलस गई।

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बहराइच: बारिश, तेज हवा व ओले से बर्बाद हुईं फसल

बहराइच के भिनगा में मौसम का हाल। - फोटो : amar ujala
तराई में दो दिनों से मौसम में तेजी से बदलाव दिखा है। शहर में गुरुवार की रात जहां हल्की बरसात हुई, वहीं ग्रामीण अंचलों में रात से लेकर शुक्रवार की सुबह तक झमाझम बरसात का दौर चला। बारिश के साथ ही ओले भी गिरे। तेज हवा और ओले गिरने से गेहूं, सरसों और आलू की फसल को काफी नुकसान हुआ है। कृषि विभाग और किसानों के अनुसार करीब दो सौ बीघा फसल बर्बाद होने की संभावना है।

तराई में बुधवार की शाम से अचानक मौसम में बदलाव दिखा। तेज हवा चलने के बाद बदली छाई रही। वहीं गुरुवार की रात को बरसात शुरू हुई। शहरी क्षेत्र में जहां हल्की बारिश हुई वहीं ग्रामीण इलाकों में शुक्रवार की सुबह तक बरसात होती रही। नेपाल सीमा के पहाड़ी इलाकों से सटे क्षेत्र में सर्वाधिक बरसात हुई। बारिश का असर सबसे ज्यादा नवाबगंज, रुपईडीहा, अगैया, मटेरा, मिहींपुरवा, बिछिया आदि इलाकों में दिखा। यहां पर बरसात के साथ ही ओले भी गिरे। इससे फसलें काफी हद तक बर्बाद हो गई हैं।

तेज हवाएं चलने के कारण खेतों में खड़ी फसल गिर गई। इससे गेहूं, मसूर, सरसों और आलू की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ। नवाबगंज के किसान श्यामलाल वर्मा, कृपाराम, मोहरिलाल आदि ने बताया कि गेहूं की अगेती फसल में बालियां आ गई थीं। ओले गिरने व तेज हवाओं के कारण खेतों में फसल गिर गई है। अब इसके बर्बाद हो जाने की संभावना सर्वाधिक है।
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सीतापुर: बारिश व तेज हवा ने बढ़ाई सिहरन

सीतापुर में मौसम का हाल। - फोटो : amar ujala
जिले में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। दिन भर बादलों की आवाजाही बनी रही। दिन में चली तेज हवा ने सिहरन बढ़ा दी। अधिकतम पारे में तीन डिग्री की गिरावट आई। ठंड एक बार फिर लौटने से लोगों की कंपकंपी छूट गई जिसके चलते लोग ऊनी कपड़ों में लिपटे दिखे। वहीं बेमौसम बारिश से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो शनिवार को भी बदली छाई रहने के साथ कई इलाकों में बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम के मिजाज में उतार-चढ़ाव का क्रम फिलहाल जारी है।

गुरुवार को बारिश व भारी ओलावृष्टि के बाद मौसम के तेवर शुक्रवार को भी तल्ख रहे। सुबह लोग सोकर उठे तो काली घटाएं छाईं हुईं थीं। करीब 11 बजे गरज-चमक के साथ बारिश होने लगी। कमलापुर, मिश्रिख, मानपुर व संदना आदि इलाकों में झमाझम बारिश हुई। बारिश थमने के बाद पूर्वी दिशा से 21 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा चलती रही।

तेज हवा के बीच दिन भर बदली छाई रहने से गुरुवार के मुकाबले अधिकतम तापमान में तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम के बिगड़े तेवर ने लोगों को ठंड एक बार फिर से लौटने का अहसास कराया। बारिश के बाद घिरी रहीं काली घटाओं ने जन-जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। अल्मारी में रखे जा चुके ऊनी कपड़े फिर बाहर निकल आए। हर कोई फुल जैकेट व स्वेटर में नजर आया।
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