माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। रेलवे ट्रैक के दोनों ओर स्टील की फेंसिंग(बाउंड्री) से हादसों में लगाम लगाने में मदद मिल रही है। पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में फेंसिंग लगने के बाद करीब 20 प्रतिशत दुर्घटनाओं में कमी आई है।
गोरखपुर से लखनऊ के बीच बड़े हिस्से में यह फेंसिंग हो चुकी है, जिसके अच्छे परिणाम आ रहे हैं। रेलवे प्रशासन का दावा है कि इज्जतनगर और वाराणसी मंडल में भी जल्द ही ट्रेन से रनओवर की घटनाओं में कमी दर्ज की जाएगी। दरअसल, बाराबंकी-गोरखपुर-छपरा के 425 किमी मुख्य रेलमार्ग पर स्टील के सेफ्टी फेंसिंग लगाने का काम तीव्रता से पूरा किया जा रहा है। 208 किलोमीटर रूट पर सेफ्टी फेंसिंग लगाई जा चुकी है। रेलवे ट्रैक पर पशुओं के आने से रनओवर होते रहे हैं। इससे ट्रेनें पूरी क्षमता से नहीं चल पातीं। उनका संचालन बाधित होता है तथा रेलवे को राजस्व का भी नुकसान होता है। इसलिए फेंसिंग कर इसमें कमी लाने का कार्य किया जा रहा है। रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण भी नहीं हो सकेगा। स्टील की सेफ्टी फेंसिंग लग जाने से सुरक्षा के साथ ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार भी 130 किमी प्रति घंटे हो जाएगी। पूर्वोत्तर रेलवे में सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत सहित अन्य सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेनें अभी भी अधिकतम 110 किमी की रफ्तार से ही चल रही हैं।