शनिवार को लखनऊ से नई दिल्ली जा रही ट्रेन 12003 शताब्दी एक्सप्रेस में खाना खाकर कई यात्रियों की तबियत बिगड़ गई।
राजधानी एक्सप्रेस और शताब्दी एक्सप्रेस के यात्रियों की थाली में भ्रष्टाचार का तड़का लगाया जा रहा है।
अधिक मुनाफाखोरी के लिए देश की सबसे बड़ी कैटरिंग कम्पनी आरके एसोसिएट रेल यात्रियों को घटिया खाना परोस रही है।
देश की सबसे बड़ी रेस्त्रां की चेन कमशम भी इसी कम्पनी की है।
शिकायत के बाद जब रेलवे घटिया खाना बेचने का मामला पकड़ता भी है, तो एक लाख रुपये का जुर्माना लेकर मामला रफादफा कर दिया जाता है।
सूत्रों की माने तो आरके एसोसिएट के खिलाफ पहले भी घटिया खाना बेचने के मामले सामने आ चुके हैं।
यह सिंडिकेट रेलवे बोर्ड के कई बड़े अफसरों तक फैला हुआ है। इसके चलते घटिया खाना बेचने का मामला पकड़ने के बावजूद कम्पनी के खिलाफ कभी कोई कार्रवाई नहीं होती।
रविवार को शताब्दी एक्सप्रेस में खराब खाने का मामला सामने आने पर भी रेलवे के आला अफसर कोई भी कार्रवाई से बचते रहे।
इस बारे में उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी नीरज शर्मा का कहना है कि पुलाव में बड़ी इलायची थी जिसे यात्री काकरोच समझ बैठे थे।
इस ट्रेन में उत्तर रेलवे के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (कैटरिंग) एमएस चालिया भी यात्रा कर रहे थे।