रेलवे की इन्वेस्टिगेशन टीम ने शनिवार को जनरल टिकटों में हेरफेर करने वाले तीन जालसाजों को चारबाग स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। मुजफ्फरपुर के रहने वाले संतोष शाह, वीर बहादुर शाहनी और उमेश काफी समय से जनरल टिकटों में टेंपरिंग कर रेलवे और यात्रियों को चूना लगा रहे थे।
टीम ने इनके पास से 80 मुहर और बीस हजार रुपये के 55 टिकट बरामद किए हैं। पूरे मामले की जानकारी देते हुए इंस्पेक्टर अशरफ सिद्धीकी ने बताया कि ये गैंग जनरल टिकटों को काउंटर से खरीदकर उनके किराये और स्टेशन को मिटाकर मुहर की मदद से नये दाम और स्टेशन छापते थे।
इन टिकटों को ज्यादा कीमत पर यात्रियों को बेंचा जा रहा था। टिकट टेंपरिंग के जरिए ये गैंग कई सालों से रेलवे और यात्रियों को चूना लगा रहा था।
बरामद फर्जी मुहर व अन्य सामान
अधिकारियों ने बताया कि इसकी सूचना शुक्रवार को मिली थी, जिस पर जांच करते हुए शनिवार को मुजफ्फरनगर निवासी एक व्यक्ति को चारबाग रेलवे स्टेशन के बाहर से फर्जी टिकट बेचते हुए गिरफ्तार किया गया।
उससे पूछताछ करने पर दो और जालसाजों को हिरासत में लिया गया है। जालसाजों ने बताया कि ये सभी कम दूरी की ट्रेनों का जनरल टिकट खरीदकर उसे टेंपरिंग के जरिए लंबी दूरी के टिकट में बदल देते थे। जिसे ज्यादा कीमत पर यात्रियों को बेचकर भारी मुनाफा कमा रहे थे।
पकड़े गए अपराधी
इंस्पेक्टर अशरफ सिद्धीकी, बीएन तिवारी, एके मिश्रा, सत्येंद्र प्रताप सिंह, वीरेंद्र सिंह, राजेश शाही और अरविंद चंद्र की टीम को यह सफलता हाथ लगी है। टीम आरोपियों से इस तरह के अपराधों में शामिल अन्य लोगों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।