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कवच की 'ढाल' में रेल सफर: रेलवे में एक अप्रैल से शुरू होगी आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था, हादसों पर लगेगा ब्रेक

Tue, 31 Mar 2026 06:05 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

पूर्वोत्तर रेलवे में एक अप्रैल से ट्रेनों में कवच सुरक्षा प्रणाली लगाई जाएगी, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी। यह सिस्टम टकराव की स्थिति में स्वतः ब्रेक लगाता है और आसपास की ट्रेनों को रोक देता है।
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प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे कवच सिस्टम (स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली) लगाने का काम बुधवार एक अप्रैल से शुरू करने जा रहा है। रेलवे की ओर से पूर्वोत्तर रेलवे को 213 कवच सिस्टम आवंटित भी कर दिए गए हैं।

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रेलवे के अधिकारी ने बताया कि सबसे पहले सीतापुर-बुढ़वल रेल रूट पर स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली विकसित की जाएगी। इस सुविधा से ट्रेन हादसों का खतरा काफी कम हो जाएगा। वहीं दूसरी ओर बाराबंकी से छपरा के बीच टावर लगाने का काम भी तेजी से चल रहा है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि छह महीने में ट्रायल भी हो जाएगा।

पूर्वोत्तर रेलवे को मिले 213 कवच में से गोरखपुर लोको शेड को 60, गोंडा लोको शेड को 95 और सैदपुर लोको शेड को 58 उपकरण दिए गए हैं। जानकारों का कहना है कि पूर्वोत्तर रेलवे का बाराबंकी से गोरखपुर होकर छपरा रेल रूट जल्द ही कवच से लैस होगा। लगभग 438 किमी लंबे इस ट्रैक को मंजूरी मिलने के बाद पूर्वोत्तर रेलवे ने टॉवर लगाने का काम हो रहा है। इसमें गोरखपुर से बस्ती के बीच 20 टावर लगा भी दिए गए हैं।

इस तरह काम करता है सिस्टम

इस तकनीक में एक ही ट्रैक पर ट्रेनों के टकराने की स्थिति आने से पहले ही दोनों ट्रेनों में ऑटोमेटिक ब्रेक लगने के साथ पांच किलोमीटर के दायरे में मौजूद सभी ट्रेनों का संचालन भी बंद हो जाएगा। यह सिस्टम ब्रेक, हार्न, थ्रोटल हैंडल आदि की मॉनिटरिंग करता है। लोको पायलट से कोई चूक होने पर कवच पहले ऑडियो-वीडियो के माध्यम से अलर्ट करेगा और रेड सिग्नल पार होते ही ट्रेन में अपने आप ब्रेक लग जाएगी।

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