उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बाइक बोट घोटाले में शुक्रवार रात कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच व पीजीआई थाने की संयुक्त टीम ने छापा डालकर निगोहां व मोहनलालगंज इलाके से 145 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। ये मोटरसाइकिलें एक शोरूम के बेसमेंट और एक घर में रखी गई थीं। मामले में दो लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने सूचना के आधार पर शुक्रवार रात रायबरेली रोड स्थित निगोहां के उदयपुर गांव के एक मकान में छापा डाला। वहां से बाइक बोट कंपनी की फ्रेंचाइजी लेने वाले अमित अग्रवाल को हिरासत में लिया गया। उससे पूछताछ के आधार पर मोहनलालगंज स्थित कार्यालय से 117 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं।
अमित के साझीदार कुलदीप शुक्ला के गांव बेहनवां से भी 28 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। उसे भी हिरासत में लिया गया। बरामद सभी मोटरसाइकिलें नीले रंग की हैं और उन पर बाइक बोट का स्टिकर लगा है।
लखनऊ में दर्ज हैं 15 से अधिक मुकदमे
पुलिस के मुताबिक इस गिरोह के खिलाफ राजधानी के गोमतीनगर, विभूतिखंड व गाजीपुर थाने में करीब 15 मुकदमें दर्ज हैं। लखनऊ के पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि बरामदगी की सूचना घोटाले की जांच कर रही एजेंसी ईओडब्ल्यू को दे दी गई है। आरोपियों को भी जांच एजेंसी को सौंपा जाएगा। प्रदेश में इस जालसाजी से जुड़े गिरोह का नेटवर्क फैला हुआ है। पुलिस के मुताबिक 4000 करोड़ के बाइक बोट घोटाले मेें कई लोगों को नामजद किया गया है।