कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार शाम फोन कर लाठीचार्ज में घायल कांग्रेसियों का हाल लिया। उन्होंने प्रदेश प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री से फोन पर विस्तार से बात की।
उन्होंने कहा कि इस लाठीचार्ज से कांग्रेसी घबराने वाले नहीं हैं। राहुल ने प्रदेश सरकार के इशारे पर हुए इस लाठीचार्ज की निंदा की है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री ने कहा कि लाठीचार्ज के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं। आने वाले समय में इस संघर्ष को जिला और तहसील तक ले जाया जाएगा।
प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों को बेनकाब किया जाएगा। प्रदेश प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री ने कहा कि बर्बर लाठीचार्ज ने अंग्रेजी हुकूमत की याद दिला दी है।
कांग्रेसियों ने भी किया पथराव
प्रदेश की समाजवादी पार्टी सरकार के खिलाफ विधानभवन घेरने जा रहे कांग्रेसियों ने जमकर हंगामा किया। पुलिस ने भी दौड़ा-दौड़ाकर लाठियां बरसाईं। इससे प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री सहित दर्जनों वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं व कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं। कांग्रेसियों ने भी बैरिकेडिंग कर रोक रहे पुलिस व प्रशासन पर पथराव कर दिया।
इससे एसीएम प्रथम विनोद कुमार सहित पुलिस व प्रशासन के कई आला अफसर घायल हुए हैं। इसके बाद पुलिस ने कांग्रेसियों को चुन-चुनकर पीटा। सुबह 11 बजे से 3 बजे तक यानी चार घंटे तक हंगामा चलता रहा। अंत में विरोध प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसियों को पुलिस गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले गई। वहां से उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
सूबे की बिगड़ी कानून व्यवस्था सहित 11 मुद्दों को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने विधानसभा घेराव कार्यक्रम बनाया था। कांग्रेसी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री के नेतृत्व में लक्ष्मण मेला मैदान में जुटे।
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री सहित सूबे के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता श्रीप्रकाश जायसवाल, राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी, पीएल पुनिया, मोहसिना किदवई, अन्नू टंडन, सिराज मेहंदी सहित कई नेता अपने समर्थकों के साथ यहां पहुंचे। पहले वरिष्ठ नेताओं ने यहां भाषण के जरिये कार्यकर्ताओं में जोश भरा।
पुलिस ने पहले समझाया, नहीं माने तो शुरू कर दिया लाठी भांजना
करीब डेढ़ बजे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री ने विधानसभा की ओर कूच करने का ऐलान कर दिया। लक्ष्मण मेला मैदान से बाहर निकलकर कांग्रेसी जैसे ही आगे बढ़े कि पुलिस व प्रशासन के अफसरों ने राजकीय निर्माण निगम के तिराहे पर ही बैरीकेडिंग कर इन्हें रोक लिया। कांग्रेसी बैरीकेडिंग पर चढ़ गए।
अफसरों ने पहले उन्हें समझाने का प्रयास किया। इसी बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। जब कांग्रेसी काबू में नहीं आए तो पुलिस ने लाठी बरसानी शुरू कर दी। दौड़ा-दौड़ाकर कांग्रेसियों को पीटा। उधर, कांग्रेसियों ने भी पुलिस पर पथराव कर दिया।
दोनों ओर से बैरीकेडिंग, भाग नहीं पाए कांग्रेसी
पुलिस ने बंधा रोड के दोनों ओर बैरीकेडिंग कर रखी थी। इस कारण कांग्रेसी बाहर ही नहीं निकल पाए। सबसे पहले राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी को लाठी पड़ी। तभी उनके सुरक्षाकर्मी उन्हें संभालते हुए किनारे ले गए। प्रमोद तिवारी फिर अशोक मार्ग की ओर बढ़ने लगे। इसी बीच पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
वहीं, लखनऊ कैंट की विधायक व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी अपने समर्थकों के साथ अशोक मार्ग की ओर बढ़ने लगीं तो उन्हें भी पुलिस कर्मियों ने रोक दिया। इस पर वे सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं। बाद में महिला पुलिस कर्मियों ने उन्हें उठाकर बस में बैठा दिया। उनके समर्थकों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर पुलिस लाइन पहुंचा दिया।
फिर की कोशिश, फिर मिलीं लाठियां
एक राउंड लाठीचार्ज के बाद फिर कांग्रेसी आगे बढ़े। दूसरे राउंड में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री, प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री, पूर्व सांसद अन्नू टंडन, प्रदीप जैन आदित्य आगे बढ़े तो इन पर भी पुलिस ने लाठियां बरसा दीं। इसमें प्रदेश अध्यक्ष डॉ. खत्री व प्रदीप जैन आदित्य को चोटें आई हैं। बाद में अन्नू टंडन ने प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री को ले जाकर ओडियन सिनेमा के पास स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
इसके बाद तो पुलिस व पीएसी के जवानों ने ढूंढ-ढूंढ कर कांग्रेसियों पर लाठियां बरसाईं। घायल होने वालों में सिराज मेंहदी, मुकेश सिंह चौहान, सुधांशु त्रिपाठी, गौरव चौधरी, राना गोस्वामी, ज्ञानेंद्र, विनोद चतुर्वेदी, शैलेन्द्र तिवारी बब्लू, सहारनपुर के सुशील चौधरी भी शामिल हैं।
सिटी बसों से यात्रियों को उताकर कांग्रेसी ले जाए गए पुलिस लाइन
पुलिस ने कांग्रेसियों की गिरफ्तारी के लिए जिन बसों का इंतजाम किया था वे भी जाम में फंस गईं। इस कारण पुलिस ने वहां से गुजर रही सिटी बसों को खाली करवाकर उसमें कांग्रेसियों को पुलिस लाइन भेजा। करीब 20 बसों में कांग्रेसी गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेजे गए। बाद में इन्हें पुलिस लाइन से छोड़ दिया गया।
...अरे यह तो राजबब्बर हैं
पुलिस व पीएसी के जवान जब लाठी चला रहे थे उसमें फिल्म स्टार व उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद राजबब्बर भी चपेटे में आ गए। उनको भी लाठियां पड़ गईं। बाद में उन्हें किनारे किया गया।
बाद में उनके समर्थक उन्हें वहां से ले गए। लाठीचार्ज के बाद जब पीएसी के जवान वहां आराम कर रहे थे तभी एक ने दूसरे से पूछा... पता है तुमने किस पर लाठी चलाई थी...।
दूसरे ने कहा मुझे नहीं पता...कौन-कौन मेरी लाठी की चपेट में आया...। इस पर पहले ने कहा कि तुमने तो आज फिल्म स्टार राज बब्बर को भी लाठी मार दी। इस पर वह चौंका और फिर हंसते हुए कहने लगा मुझे भी यही लग रहा था कि इन्हें कहां देखा है।
चढ़ने की होड़ में टूटा मंच
बड़े नेताओं के साथ मंच पर काफी संख्या में उनके समर्थकों के चढ़ने के कारण शुरुआत में ही मंच का एक हिस्सा भी टूट गया। इससे प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री, मारूफ खान, हरीश बाजपेई व संजीव सिंह गिर पड़े। हालांकि इसमें किसी को भी चोट नहीं आई। बाद में टूटा तख्त हटाकर दूसरा तख्त लगाकर मंच ठीक किया गया।
प्रदेश अध्यक्ष का डपटना भी रहा बेअसर
डॉ. निर्मल खत्री ने लक्ष्मण मेला मैदान में अपने बेकाबू कार्यकर्ताओं को कई बार डपटा। प्रदेश अध्यक्ष ने यहां तक कह दिया कि जब गैर राजनीतिक लोग प्रदर्शन में आ जाते हैं तो इसी प्रकार की दिक्कत होती है।
वे बार-बार कार्यकर्ताओं से मंच से उतरने की अपील करते रहे, लेकिन किसी ने भी एक न सुनी। उन्होंने यह भी कहा कि एक बार मंच टूट चुका है इसलिए इस पर न चढ़ें, इसका भी कार्यकर्ताओं पर कोई असर नहीं दिखा। इस कारण मंच पर अव्यवस्था हावी रही।