लखनऊ। ख्वाजा मुईनु्द्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय का 10वां दीक्षांत समारोह 14 अक्तूबर को आयोजित होगा। इस बार कुल 146 पदकों में 99 छात्राओं और 47 पदक छात्रों के खाते में आएंगे।
रहमाना, धर्मेश यादव और अर्पूव द्विवेदी को तीन-तीन स्वर्ण पदक दिए जाएंगे। इसके अलावा तनु प्रिया को दो स्वर्ण पदक मिलेंगे।
कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में बताया कि दो नए मेडल डोरी लाल सागर मेमोरियल स्वर्ण पदक और इतिहास में रामपति देवी स्वर्ण पदक भी शामिल किए गए हैं। समारोह में कुल 1424 डिग्रियां दी जाएंगी। आगामी सत्र में हिन्दू अध्ययन पाठ्यक्रम की शुरुआत के साथ भाषा विज्ञान की स्थापना की जाएगी।
इंजीनियर, प्रोफेसर बनने का है सपना
उर्दू, अरबी फारसी, कला एवं मानविकी संकाय और बीए उर्दू में प्रथम आने पर मुझे तीन स्वर्ण पद मिलेंगे। मेरे पिता इजहार सिद्दीकी फैशन डिजाइनर और मां सुमैया गृहिणी हैं। मेरा सपना है जिस विश्वविद्यालय में पढ़ रही हूं, वहीं प्रोफेसर बनूं।
- रहमाना
स्नातक स्तर पर सभी संकाय में प्रथम, विज्ञान संकाय में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने व बीएससी-रसायन में प्रथम आने पर तीन स्वर्ण पदक मिलेंगे। पिता बृजकिशोर यादव किसान और मां मनोरमा देवी गृहिणी हैं। पीएचडी करके असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का सपना है।
- धर्मेश यादव
- अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय और बीटेक में प्रथम आने पर तीन स्वर्ण पदक मिलेंगे। आईआईटी से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा हूं। मुझे इंजीनियर बनना है। पिता हरिकेश द्विवेदी शिक्षक और मां सरोज द्विवेदी गृहिणी हैं।
- अपूर्व द्विवेदी
- स्नातक में सामाजिक विज्ञान, बीएड में पहला स्थान मिलने पर दो स्वर्ण पदक मिलेंगे। पिता बजृनाथ इलेक्टिकल इंजीनियर और मां सुभासिनी गृहिणी हैं। मेरा लक्ष्य प्रोफेसर बनना है।
- तनु प्रिया