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एलयू में रैगिंग का खौफ: एडमिशन तक निरस्त करवा लेते हैं स्टूडेंट्स

Sun, 25 Sep 2016 10:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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केस- 1
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गौरव अमरनानी की बेटी ऋतु ने इस साल एलयू और आईटी कॉलेज में दाखिले के लिए बीकॉम में आवेदन किया। उसकी पहली पसंद एलयू में दाखिला लेना था। उसी दौरान उसका नाम आईटी कॉलेज की सूची में भी आया।

ऋतु ने तय किया कि वह एलयू में दाखिला लेगी, लेकिन तभी उसके साथ पढ़ चुकी एक छात्रा जिसने एलयू में दाखिला लिया था उसने वहां आने से मना किया। छात्रा ने बताया कि एलयू में उसके साथ इंट्रोडक्शन के नाम पर रैगिंग की गई, लेकिन उसने शिकायत नहीं की। यह सुनने के बाद ऋतु ने आईटी में दाखिला लिया।
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केस- 2
इंदिरा नगर निवासी छात्रा शुभांगी का नाम एलयू के बीकॉम कोर्स की पहली लिस्ट में ही आ गया था। लेकिन, मुश्किल से एक महीना भी नहीं बीता था कि शुभांगी ने अपना एडमिशन यहां से निरस्त करा कर एक अन्य डिग्री कॉलेज में प्रवेश लिया।

छात्रा ने बताया कि एक दिन वह क्लास करके घर जाने को थी कि विभाग के बाहर ही कुछ सीनियर्स ने उसे रोका और पहले इंट्रोडक्शन लिया फिर गाना सुनाने को कहने लगे। इसमें लड़के-लड़कियां दोनों ही थे। छात्रा ने बताया कि उसने इस डर से शिकायत नहीं की कि कहीं उसके लिए दिक्कत न बढ़ जाए।

फ्रेशर्स पार्टी में मारपीट का मामला नजर में आया

केस- 3
अगस्त में प्रबंधन विभाग के कुछ छात्रों की राजधानी के एक लाउंज में फ्रेशर्स पार्टी हुई। इसमें छात्रों के बीच मारपीट का मामला भी चर्चा में आया। तब भी यह बात उठी कि वह विवाद रैगिंग से जुड़ा हुआ ही था। हालांकि, बाद में इस मामले की कोई लिखित शिकायत न होने पर यह ठंडे बस्ते में चला गया।

इसके अलावा सितंबर में एलयू की साइंस कैंटीन के पास कुछ छात्रों के बीच मारपीट हुई थी। तब भी बात रैगिंग की ही उठी, लेकिन कोई शिकायत नहीं दर्ज कराई गई। (नोट: रैगिंग के विभिन्न केस में सभी नाम बदले हुए हैं)

एलयू के न्यू कैंपस स्थित मैनेजमेंट बॉयज हॉस्टल में सीनियर्स के जूनियर्स को परेशान करने की शिकायत कोई पहला मामला नहीं है। इस सत्र की शुरुआत से ही विवि में रैगिंग के मामले हुए हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि इससे पहले किसी ने शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटाई। प्रॉक्टर ऑफिस के मुताबिक, उनके पास पिछले कई दिनों से रैगिंग से जुड़ी शिकायत आ रही थी।

इसी को ध्यान में रखते हुए उन लोगों ने हॉस्टल्स में चौकसी बढ़ाने के साथ कुछ छात्रों को विश्वास में लेकर इसकी जानकारी देने को कहा। इसके बाद ही हाल में हुए मामले का खुलासा हो पाया है। वहीं, इस मामले में जानकीपुरम थाने के एसओ गोपाल सिंह यादव ने बताया कि उन्हें विवि की ओर से छात्रों के खिलाफ तहरीर मिल चुकी है, जिसके आधार पर केस दर्ज किया जा रहा है।

सीनियर्स खुद को शक्तिशाली दिखाने के लिए करते हैं ये हरकतें

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इन मामलों में चीफ प्रॉक्टर प्रो. निशि पांडेय कहती हैं कि सीनियर्स खुद को शक्तिशाली दिखाने के लिए इस तरह की हरकतें करते हैं, लेकिन इसका सॉल्यूशन डर कर भागना नहीं। यदि कोई इंट्रोडक्शन ले तो एडमिशन निरस्त करवाना समाधान नहीं, बल्कि स्टूडेंट्स को चाहिए कि वह इसकी शिकायत प्रॉक्टर ऑफिस में दर्ज कराएं।

उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। फ्रेशर्स को यह भी सुझाव है कि वह चाहें तो समूह में चलें। वहीं, शनिवार को कुछ छात्रों ने प्राक्टर ऑफिस में पहुंचकर 21 सितंबर को हुई घटना में खुद के शामिल होने से इन्कार किया।

मुश्किल में हैं तो ‘रक्षक’ से मांगे मदद
रैगिंग जैसी घटना की शिकायत करने के लिए यदि छात्र प्रॉक्टर ऑफिस तक नहीं जाना चाहते तो वह ऑनलाइन भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने मोबाइल फोन में एंटी रैगिंग एप ‘रक्षक’ डाउनलोड करना होगा। इसे वह गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं।

इसके माध्यम से वह न सिर्फ ऑनलाइन लिखित शिकायत कर सकते हैं बल्कि ऑडियो या वीडियो रिकॉर्डिंग, स्टिल फोटो क्लिक करने का भी विकल्प है जो सीधे एडमिनिस्ट्रेटर के पास पहुंच जाएगा।

यदि कोई ऐसी मुसीबत में है कि सामने मोबाइल यूज नहीं कर पा रहा तो वह तीन बार वॉल्यूम बढ़ाने का बटन दबा कर एप के एसओएस सेक्शन में फीड नंबर पर कॉल लगा सकता है, भले ही मोबाइल लॉक क्यों न हो।
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सुरक्षा के मुद्दे पर वीसी से भी होगी वार्ता

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इस संबंध में चीफ प्रॉक्टर प्रो. निशि पांडेय का कहना है कि हॉस्टल्स की कमी के चलते न्यू कैंपस के मैनेजमेंट हॉस्टल में जूनियर व सीनियर्स को एक ही भवन में रखा जाता है। हालांकि, उनके फ्लोर अलग हैं और वहां सुरक्षा गार्ड रहते हैं। फिर भी सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर करने के लिए सोमवार को इस मामले में कुलपति से बात की जाएगी।

वहीं, चीफ प्रोवोस्ट  प्रो. एसपी त्रिवेदी ने बताया कि हम लगातार हॉस्टल प्रोवोस्ट और जूनियर छात्रों के संपर्क में हैं। सभी छात्रों को प्रोवोस्ट, प्रॉक्टर व मेरा नंबर उपलब्ध करा दिया गया है जिस पर किसी भी समय संपर्क कर सकते हैं। हॉस्टल्स में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए चीफ प्रॉक्टर से बात की जा रही है।

इन नंबरों पर करें रैगिंग की शिकायत:
टॉल फ्री नंबर- 18001805522
प्रॉक्टर कार्यालय-0522-2740401

अधिष्ठाता छात्र कल्याण- 9415180307
चीफ प्रॉक्टर- 9839128864

चीफ प्रोवोस्ट- 9415063431
सहायक कुलानुशासक नवीन परिसर- 9415704024
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