प्रदेश सरकार ने रेडियो टैक्सी का किराया तय कर दिया है। रेडियो टैक्सी बुलाने पर कम से कम 125 रुपये तो देने ही होंगे।
सरकार ने इन टैक्सियों के लिए पहले ढाई किलोमीटर तक 50 रुपये प्रति किलोमीटर रेट तय किया है। प्रमुख सचिव परिवहन बीएस भुल्लर ने शुक्रवार को इसका शासनादेश जारी कर दिया।
सरकार ने लोगों को सुरक्षित व आरामदायक सेवा देने के उद्देश्य से सूबे के 13 महानगरों में रेडियो टैक्सी सेवा शुरू करने का निर्णय किया है।
पिछले दिनों हुई कैबिनेट बैठक में इसका किराया तो तय हो गया था लेकिन न्यूनतम किराये को लेकर मामला उलझ गया था। इस कारण शासनादेश जारी नहीं हो सका था। अब पहले ढाई किलोमीटर तक 50 रुपये किलोमीटर के हिसाब से किराया तय किया गया है।
ढाई किलोमीटर के बाद पांच सीटों की क्षमता वाली रेडियो टैक्सी में 20 रुपये प्रति किलोमीटर और सात सीटों वाली में 25 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया देना होगा।
रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक रेडियो टैक्सी का इस्तेमाल करने पर किराये में 25 प्रतिशत अतिरिक्त जोड़कर देना होगा। इसके साथ ही 50 रुपये प्रति घंटा के हिसाब से वेटिंग चार्ज भी तय कर दिए हैं।
हालांकि आधे घंटे की प्रतीक्षा के लिए कोई चार्ज नहीं लगेगा। इसके साथ ही राज्य परिवहन प्राधिकरण को प्रतिवर्ष किराये में आवश्यक वृद्धि करने का अधिकार भी दिया गया है।
इन शहरों में चलनी हैं रेडियो टैक्सी
लखनऊ, कानपुर, आगरा, इलाहाबाद, झांसी, वाराणसी, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली व गोरखपुर
रेडियो टैक्सी की खासियत
-जीपीएस व जीपीआरएस पर आधारित ट्रैकिंग उपकरण
-टैक्सी केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से लगातार जुड़ी रहेगी
-999 सीसी से अधिक के वाहन होंगे
-एसी व हीटर के साथ ही आरामदायक सीटें होंगी