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Lucknow News: महज कागज पर ही बढ़ा कोटा, व्यावसायिक सिलिंडर की बुकिंग नहीं

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गैस संकट।
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लखनऊ। व्यावसायिक गैस सिलिंडर की आपूर्ति का कोटा 30 से बढ़ाकर 50 फीसदी करने के बाद भी हालात नहीं बदले हैं। कारोबारियों की बुकिंग मंजूर नहीं हो रही है। मंगलवार को राजधानी के विभिन्न गैस एजेंसियों के बाहर रेस्टोरेंट और मिठाई दुकानों का स्टाफ घंटों इंतजार करता रहा, लेकिन उन्हें सिलिंडर नसीब नहीं हुआ।
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एक दिन पहले ही इंडियन ऑयल ने नोटिस जारी कर स्पष्ट किया था कि 23 मार्च से होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और इंडस्ट्रियल कैंटीन के लिए आपूर्ति 50 फीसदी कर दी गई है। हालांकि, धरातल पर बुकिंग ही नहीं हो पा रही है। सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को लखनऊ में केवल 120 व्यावसायिक सिलिंडर सप्लाई किए गए, जिनमें पहली प्राथमिकता अस्पताल और आपातकालीन सेवाओं को दी गई।

Iकोटा बढ़ने के बावजूद जब ऑनलाइन बुकिंग ही नहीं हो रही है, तो सिलिंडर कैसे मिलेगा। मशहूर प्रतिष्ठानों का स्टाफ दिन भर एजेंसियों के बाहर बैठा खाली हाथ लौट रहा है।I
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I- अविनाश त्रिपाठी, प्रदेश प्रभारी, उप्र आदर्श व्यापार मंडल (मिठाई एवं रेस्टोरेंट प्रकोष्ठ)I

Iहमारे यहां रोजाना एक सिलिंडर की खपत है, लेकिन अभी तक सिर्फ तीन सिलिंडर मिले हैं। मजबूरी में कोयले और डीजल की भट्ठी का सहारा लेना पड़ रहा है। डीजल मिलने में भी दिक्कत आ रही है, जिसके कारण जलेबी और इमरती जैसे उत्पाद नहीं बन पा रहे। फास्ट फूड का काम पहले से ही ठप है।I

राजेश गुप्ता, मिठाई कारोबारी, निरालानगर

Iफिलहाल खपत का केवल आधा हिस्सा ही सप्लाई किया जा रहा है। हालांकि, घरेलू एलपीजी और पेट्रोल-डीजल का स्टॉक पर्याप्त है और उनकी सप्लाई सामान्य रूप से हो रही है। कारोबारियों से आग्रह है कि एलपीजी संकट से बचने के लिए पीएनजी अपनाएं। I

I- संजय भंडारी, तेल समन्वयक, उत्तर प्रदेशI

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

गैस संकट।

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