विधान परिषद में सत्तापक्ष के एक सदस्य अपनों के लिए ही गाहे-बेगाहे मुसीबत बनते रहते हैं।
पूर्वांचल की स्नातक सीट से सपा कोटे पर जीतकर आने वाले यह सदस्य विपक्षी सदस्यों द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दे पर सत्तापक्ष का बचाव करने के बजाय खुद ही सरकार को कठघरे में खड़ा करते रहते हैं।
शिक्षकों से जुड़ा मामला हो या फिर विकास, हर मुद्दे पर वे बागी हो जाते हैं।
सदन में विपक्षी सदस्य कभी-कभार इसको लेकर चुटकी भी लेते रहते हैं, लेकिन वे अपनी राह पर ही चलते हैं।