लखनऊ। जिलास्तरीय उद्योग बंधु की बैठक में सोमवार को एक बार फिर से तालकटोरा में अतिक्रमण व सड़क चौड़ीकरण का मुद्दा उठा। डीएम विशाख जी की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिम्मेदार संस्था पीडब्ल्यूडी ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण दो महीना बाद सितंबर से शुरू हो सकेगा। डीएम ने अमौसी और सरोजनीनगर में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में डीएम ने नगर निगम को भी चेतावनी देते हुए अतिक्रमण हटाने के लिए फिर से निर्देशित किया। हालांकि, उद्यमियों ने इस पर एतराज जताते हुए कहा कि नगर निगम पूरी तरह अतिक्रमण नहीं हटवा रहा है और पीडब्ल्यूडी भी कार्य में देरी कर रहा है। पहले एस्टीमेट के नाम पर देरी हुई, अब दो महीने बाद काम शुरू कराने की बात कही जा रही है। नाम न छापने की शर्त पर एक उद्यमी ने बताया कि डीआईसी तो बैठक करवाकर वाहवाही लूट रहा है, लेकिन उद्यमियों की समस्या का समय रहते समाधान नहीं हो रहा है।
सभी इंडस्ट्री खुद लगाएं रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
बैठक में सरोजनीनगर व अमौसी औद्योगिक क्षेत्र में जल निकासी की समस्या पर डीएम ने सभी औद्योगिक इकाइयों को अपने परिसर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के निर्देश दिए, जिससे जलभराव न हो। नगर निगम को निर्देश दिए कि आबादी का पानी औद्योगिक क्षेत्र में न आए, इसके लिए एसटीपी या डब्ल्यूटीपी की कार्ययोजना तैयार करें। बता दें कि कानपुर रोड पर एनएचएआई के नाला निर्माण में आधार नीचा पाया गया जिससे जलभराव की समस्या होती है। आईआईटी कानपुर की टीम ने भी इसकी पुष्टि की थी। जल निगम, नगर निगम और तहसीलदार सरोजनीनगर को निर्देश दिए कि औद्योगिक क्षेत्र के बाहर के पानी से हो रहे जल-भराव के निस्तारण के लिए नाला टैप के लिए भूमि चिन्हित करने को कहा जिससे औद्योगिक क्षेत्र के बाहर ही गंदे पानी का डिस्चार्ज हो सके। साफ सफाई के लिए अधिशासी अभियंता यूपीसीडा को निर्देशित किया कि नियमित कूड़ा एकत्रीकरण व निस्तारण के लिए जल्द ही टेंडर करवाएं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यूपीसीडा की ओर से इंडस्ट्रियल वेस्ट का डिस्पोजल को मौके पर जाकर देखे कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के तहत हो रहा है कि नहीं। उपायुक्त उद्योग मनोज चौरसिया, आईआईए चेयरमैन विकास खन्ना, सहायक नगर आयुक्त, अधिशासी अभियंता विद्युत, एलडीए व नगर निगम के अफसर मौजूद रहे।