मायावती सरकार में नोएडा के फार्म हाउस आवंटन में धांधली की शिकायतों की लोकायुक्त द्वारा की जा रही जांच समाप्त कर दी गई है।
औद्योगिक विकास विभाग का दावा है कि मामले में लोकायुक्त न्यायमूर्ति एनके मेहरोत्रा की सिफारिशों पर अमल करा दिया गया है।
लोकायुक्त की जांच में फार्म योजना और भूखंडों के मूल्यांकन आदि में कोई अनियमितता नहीं पाई गई थी।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फार्म हाउस आवंटित कराए जाने की आशंका जरूर जताई गई थी।
नोएडा अथॉरिटी ने फार्म हाउस के सभी आवंटियों के आवेदनों का नए सिरे से परीक्षण कराकर फर्जी दस्तावेजों व गलत तथ्यों के आधार पर किए आवंटन को निरस्त करके इसकी सूचना शासन और लोकायुक्त को भेज दी।
इसके बाद औद्योगिक विकास विभाग द्वारा 27 नवंबर को मामले की जांच समाप्त करने संबंधी आदेश जारी कर दिया गया।
गौरतलब है कि 2012 में प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद अगस्त 12 में नोएडा के तत्कालीन अध्यक्ष राकेश बहादुर की एक रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने लोकायुक्त को फार्म हाउस आवंटन मामले की जांच सौंपी थी।