आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले की परिधि में जो आदेश जारी किया गया है, उससे प्रदेश के 8 लाख दलित कार्मिकों को तभी लाभ मिलेगा जब केंद्र सरकार आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा 3(7) बहाल करे या फिर उत्तर प्रदेश सरकार को इसका आदेश दे। संघर्ष समिति ने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि लोकसभा में लंबित पदोन्नति में आरक्षण संशोधन विधेयक पारित कराए बिना अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों को कोई लाभ नहीं होगा।
प्रमोशन में आरक्षण पर लामबंदी तेज
अनुसुचित जाति-जनजाति कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण पर समर्थकों व विरोधियों के बीच लामबंदी तेज हो गई है। आरक्षण विरोधियों ने 17 जून को सुबह छह बजे लोहिया पथ पर 1090 चौराहे से राजीव चौक तक दौड़ लगाकर सरकार को प्रमोशन में आरक्षण से बाज आने की चेतावनी देने का फैसला किया है। जबकि, समर्थक लोहिया पथ के ही करीब आंबेडकर स्मारक से मार्च निकालेंगे।
सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के पदाधिकारियों की शुक्रवार को यहां बैठक में चेतावनी दौड़ और आगे के कार्यक्रमों का खाका खींचा। अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने बताया कि केंद्र की प्रमोशन में आरक्षण देने की कोशिशों के विरुद्ध देश भर के सामान्य व पिछड़ा वर्ग कर्मचारी और अधिकारी काला दिवस मनाएंगे। राजधानी में चेतावनी दौड़ का नेतृत्व वायु सेना के 80 वर्षीय सेवानिवृत्त एयर मार्शल आर के दीक्षित करेंगे।
उधर, आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अवधेश वर्मा ने बताया कि 17 जून को प्रात: छह बजे से डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक से आरक्षण बचाओ पैदल मार्च निकालकर प्रमोशन में आरक्षण बहाली के लिए संशोधन विधेयक पारित कराने की मांग की जाएगी। वर्मा ने बताया कि पदोन्नति में आरक्षण 17 जून-1995 को लागू हुआ था। इस नाते सभी जिलों में उस दिन स्वाभिमान दिवस मनाया जाए। मार्च को सेवानिवृत्त जस्टिस खेमकरन हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।